लखनऊ — बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में आज “उद्यमिता से समावेशी विकास : बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की दृष्टि में” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, शुभांगी हॉस्पिटल, सुल्तानपुर को स्वास्थ्य समुदाय में सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. बद्री नारायण तिवारी, कुलपति, टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (TISS), मुंबई उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुनीता मिश्रा जी, प्रोफेसर कुलपति प्रभारी, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने की। विशेष अतिथियों में प्रो. (डॉ.) नवीन कुमार अरोड़ा और प्रो. के.एल. महावर सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर उपस्थित थे।
डॉ. राजेश कुमार का संक्षिप्त परिचय: शुभांगी हॉस्पिटल, सुल्तानपुर के डॉ. राजेश कुमार ने कानपुर से एमबीबीएस तथा प्रयागराज के एम.एल.एन. मेडिकल कॉलेज से मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) प्राप्त किया। वे लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (मिनिमली इनवेसिव सर्जरी) के विशेषज्ञ हैं और FAIS, FMAS, FIAGES, FAGIE जैसी प्रतिष्ठित फैलोशिप प्राप्त कर चुके हैं। 2016 से अब तक उन्होंने 500 से अधिक अत्यंत गरीब मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन कर चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने समुदाय को भोजन, दवा और चिकित्सकीय सहायता प्रदान की।
डॉ. राजेश कुमार ने सम्मान प्राप्त करते हुए कहा कि यह सम्मान बाबासाहेब अंबेडकर की दृष्टि — शिक्षा, समानता, उद्यमिता और समावेशी विकास — को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्री मनीष वर्मा, DICCI उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष तथा DICCI की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया, जिनके सक्रिय समर्थन और मार्गदर्शन से यह सम्मान संभव हो सका।
प्रो. बद्री नारायण तिवारी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बाबासाहेब की विचारधारा में उद्यमिता को सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का सबसे प्रभावी साधन है।
यह सम्मान डॉ. राजेश कुमार के निरंतर सामाजिक कार्य और बाबासाहेब के आदर्शों के प्रति उनके समर्पण को मान्यता देता है।