नई दिल्ली। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि खाड़ी संकट और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह स्थिर रही। सरकार की समयबद्ध नीतियों के कारण न तो पेट्रोल-डीजल की कमी हुई और न ही रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई।
सरकार ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाकर आम लोगों को राहत दी, जबकि रिफाइनरियों ने घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आपूर्ति बनाए रखी। साथ ही अमेरिका, रूस सहित अन्य देशों से ऊर्जा आयात बढ़ाकर संकट का प्रभाव कम किया गया। विदेशी निवेश, निर्यात और चालू खाते की स्थिति भी संतुलित रही।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि भविष्य में भारत को आयात पर निर्भरता कम करने, विदेशी निवेश आकर्षित करने, विनिर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देना होगा। उनके अनुसार, खाड़ी संकट के दौरान भारत ने आर्थिक मजबूती और नीति-निर्माण की क्षमता का सफल परिचय दिया।