👉कथित अवैध निर्माण और पेट्रोल पंप के व्यावसायिक उपयोग की जांच की मांग
लखनऊ। राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक मोहम्मद आफाक ने उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा को ज्ञापन देकर सर्वोदय नगर, मेन रिंग रोड स्थित पुराने कब्रिस्तान की वक्फ संपत्ति संख्या 2163 की स्थिति की तत्काल जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त वक्फ संपत्ति गाटा संख्या 103, 97 एवं 1 से संबंधित है और संपत्ति को लेकर उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण, लखनऊ में वाद संख्या 128/2026 विचाराधीन है। इसके बावजूद शिकायत के अनुसार कब्रिस्तान की भूमि पर तोड़फोड़ और निर्माण की गतिविधियां तथा भूमि के एक हिस्से पर पेट्रोल पंप निर्माण का कार्य चल रहा है मोहम्मद आफाक ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन के सचिव एवं संबंधित वक्फ संपत्ति के मुतवल्ली अतहर नबी तथा कार्यालय प्रभारी बिलाल नूरानी की भूमिका की भी जांच की आवश्यकता है। ज्ञापन में यह आशंका व्यक्त की गई है कि वक्फ भूमि के एक हिस्से को निजी व्यक्ति को पेट्रोल पंप स्थापित करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया है तथा इसके संबंध में कथित रूप से कोई आंतरिक समझौता या डील हुई है आफाक ने मांग की है कि पेट्रोल पंप निर्माण से संबंधित भूमि अभिलेख, नक्शे, स्वीकृतियां, लीज अथवा किरायानामा, अनुबंध, प्रस्ताव और बैठकों की कार्यवाही सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जाए।
उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक अतहर नबी को संबंधित वक्फ संपत्ति के प्रशासन एवं प्रबंधन से दूर रखा जाए तथा यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो उन्हें मुतवल्ली के पद से हटाने की कार्रवाई की जाए ज्ञापन में वक्फ संपत्ति को तत्काल उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रत्यक्ष नियंत्रण एवं निगरानी में लेने, संपत्ति पर किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण, हस्तांतरण, लीज, बिक्री अथवा व्यावसायिक उपयोग को रोकने तथा पेट्रोल पंप निर्माण से संबंधित गतिविधियों पर जांच पूरी होने तक रोक लगाने की मांग की गई है मोहम्मद आफाक ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वक्फ संपत्ति की वास्तविक स्थिति, अभिलेखों और मौके की स्थिति का सत्यापन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जांच में यदि किसी व्यक्ति द्वारा वक्फ संपत्ति का दुरुपयोग, आर्थिक अनियमितता अथवा नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दिया जाना प्रमाणित होता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वक्फ कानून एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की है उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच के बाद की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता को लिखित रूप से अवगत कराने का अनुरोध किया है।