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  • Minister of Fisheries Department, Uttar Pradesh Government, Dr. Sanjay Kumar Nishad has been receiving information from Sonbhadra district for the last several days.

मंत्री मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ. संजय कुमार निषाद द्वारा विगत कई दिनों से जनपद सोनभद्र से प्राप्त हो रही है |

लखनऊ। मंत्री मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ. संजय कुमार निषाद द्वारा विगत कई दिनों से जनपद सोनभद्र से प्राप्त हो रही विभागीय एवं अन्य लोगों की साँठ-गाँठ से संबंधित अनियमितताओं की खबर का संज्ञान लेते हुए जनपद सोनभद्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत स्थापित रिहंद बांध एवं ओबरा बांध का औचक निरीक्षण किया गया।

इस दौरान मंत्री के साथ निदेशक मत्स्य, उत्तर प्रदेश एन.एस. रहमानी, संयुक्त निदेशक उत्तर प्रदेश अनिल कुमार, उपनिदेशक (नियोजन) उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग एजाज़ नकवी, उपनिदेशक वाराणसी मंडल सुरेश कुमार, उपनिदेशक मिर्जापुर मंडल धर्मेंद्र बघेल, जिला अधिकारी सोनभद्र द्वारा नामित एडीएम (न्यायिक) एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा नामित सीओ पिपरी एवं सदर, सहायक निदेशक मत्स्य सोनभद्र, जिला सूचना अधिकारी, सोनभद्र समेत संबंधित तहसीलों के एसडीएम भी मौके पर उपस्थित रहे।

मंत्री  द्वारा रिहंद एवं ओबरा केज का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के केज जेटी से बनाए गए फ्लोर पर स्वयं पहुँचकर शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लिया तथा मौके पर ही निदेशक मत्स्य के साथ निरीक्षण किया।

श्री निषाद ने रिहंद जलाशय क्षेत्र में एक शिकायतकर्ता, पूजा देवी के घर भी पहुँचकर उनकी समस्या सुनी। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया कि कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा पैसों की मांग की जाती है तथा कार्य करने से रोका जाता है। इस पर मंत्री ने संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को निर्देशित करते हुए स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता को किसी भी प्रकार की धमकी या कार्य में बाधा नहीं दी जानी चाहिए तथा उसे हर स्तर पर न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

श्री निषाद ने केज सिस्टम में पाई गई खामियों की निदेशक एवं संयुक्त निदेशक के साथ बारीकी से जांच कराते हुए आगामी तीन कार्यदिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही दोषी कार्मिकों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश प्रदान किए।

उन्होंने कहा कि कई दिनों से मिर्जापुर मंडल सहित अन्य स्थानों पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं अन्य योजनाओं में घालमेल की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि इस मामले में कार्रवाई होगी और सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई होगी। मैं स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण कर रहा हूँ तथा शिकायतकर्ताओं से भी मिल रहा हूँ।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है की रिपोर्ट तैयार कर तीन कार्यदिवस में प्रेषित करे, यदि एक भी शिकायत सही पाई जाती है तो मत्स्य विभाग में ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो नज़ीर बनेगी। हम और हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा की मैं स्वयं पिछले कई दिनों से इस पर कार्य कर रहा हूँ। तथापि, इस मामले में अब तक किए गए सभी प्रयासों को मैं सार्वजनिक रूप से अधिक साझा नहीं करना चाहता, जिससे संबंधित लोग सतर्क न हो जाएँ और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।[10/4, 7:17 pm] +91 70075 16603: होम्योपैथी की विरासत पर लखनऊ में भव्य आयोजन

देशभर के 1000 चिकित्सकों की रही  ऐतिहासिक उपस्थिति

लखनऊ। सैमुअल हैनीमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ  कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 1000 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में “होम्योपैथी – द लेगेसी ऑफ इंडिया” पुस्तक का विमोचन तथा एक विशेष ए आई फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसने यह संदेश दिया कि होम्योपैथी के मूल सिद्धांतों की जड़ें भारत की प्राचीन परंपरा में निहित हैं।

कार्यक्रम में “विषमेव विषभस्य औषधिम्” के सिद्धांत को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिसे होम्योपैथी में “ सिमलिया  सिमिलीबस क्यूंचर” के रूप में जाना जाता है—अर्थात समान से समान का उपचार।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि सैमुअल हैनीमैन द्वारा विकसित यह चिकित्सा पद्धति मानवता को एक कोमल, सुरक्षित और समग्र उपचार का मार्ग प्रदान करती है। उन्होंने डॉ. उमंग खन्ना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना काल में उनके द्वारा निःशुल्क उपचार एवं दवाओं का वितरण समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि यह समय अपने प्राचीन ज्ञान को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करने का है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में पुनः “विश्व गुरु” बनाने का संकल्प लें।

विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों जैसे पर्वतारोहण एवं सैन्य अभियानों में होम्योपैथिक औषधियों का उपयोग लाभकारी सिद्ध हो रहा है। वहीं, अन्य वक्ताओं ने भी इस चिकित्सा पद्धति की वैश्विक स्वीकार्यता पर प्रकाश डालते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन  के संदर्भ में इसे प्रमुख पूरक चिकित्सा प्रणालियों में से एक बताया।

कार्यक्रम में मुकेश शर्मा (सदस्य विधान परिषद) ने कहा कि ऑटिज्म, स्किज़ोफ्रेनिया जैसी जटिल बीमारियों में भी होम्योपैथी सकारात्मक परिणाम दे रही है, क्योंकि यह लक्षणों के आधार पर उपचार करती है।

इस अवसर पर अपरिमेय श्याम दास (अध्यक्ष इस्कॉन ), महंत  धर्मेंद्र दास (उदासीन अखाडा), मौलाना खालिद रशीद साहब, अनुराग मिश्रा (पार्षद चौक), पदमश्री डॉ मदन लाल ब्रह्म भट्ट, डॉ प्रियंका मौर्या (सदस्य महिला आयोग) अब्दुल वहीद,महामंत्री,उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन,अजीज सिद्दीकी, चेयरमैन,पत्रकार परवेज अख्तर,सैय्यद गुलाम हुसैन, आमिर मुख्तार,इस्लाम खान,एन आलम,जमील मालिक, लाइक अहमद,समाजसेवी इमरान कुरैशी इत्यादि देश विदेश की महत्वपूर्ण विभूतियाँ उपस्थित रहीं । पीहू द्विवेदी , कृतिका कलांगन और स्तुति खन्ना ने कत्थक नृत्य से डॉक्टर्स का मन मुँह लिया। "the रागनेस बैंड " ने गायन से समां बाँध दिया।

समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि होम्योपैथी को वैज्ञानिक शोध, नैतिक चिकित्सा और जनसेवा के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाकर विश्व पटल पर भारत की चिकित्सा विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।