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  • Seminar and Special Exhibition Organized at Rampur Raza Library and Museum as Part of the Second Yogotsav-2026

रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय में द्वितीय योगोत्सव–2026 के अंतर्गत संगोष्ठी एवं विशेष प्रदर्शनी का आयोजन

रामपुर/ उत्तर प्रदेश/आज रामपुर रज़ा पुस्तकालय में द्वितीय योगोत्सव–2026 के अंतर्गत योग : एक वैश्विक आन्दोलन विषय पर एक संगोष्ठी तथा योग यात्रा : शास्त्र, साधना एवं संस्कार  विषयक विशेष प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसी के साथ तीन दिवसीय योगोत्सव–2026 कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया तत्पश्चात राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता  निदेशक, रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय द्वारा कि गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 श्रीमद्जगद्गुरु श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् महाराज रहे। इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पुस्तकालय के निदेशक ने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने आज सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और आध्यात्मिक उन्नयन का मार्ग प्रदान किया है। रामपुर रज़ा पुस्तकालय भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण और प्रसार के लिए निरन्तर कार्य कर रहा है तथा योग इसी ज्ञान परम्परा का महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज के आगमन पर और उनके परिणाश्रुत भाषण के लिए उनका आभार व्यक्त किया । उन्होंने अन्य अतिथियों को भी उनके आगमन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा महर्षि चरक ने लिखा है जिस प्रकार हर वनस्पति में औषधी है उसी प्रकार हर अक्षर में मंत्र है । उसी प्रकार उन्होंने इसको आगे बढ़ाते हुए कहा है जिस तरह हर अक्षर में मंत्र है, उसी प्रकार हर मनुष्य में ऋषि है और उसी अर्श्व तत्त्व को प्राप्त करना ही आश्रम परंपरा है । मन्त्रः द्रष्टारः ऋषिः , यानी ऋषि वह है। जो द्रष्टा है और द्रष्टा वो है जो ना करता है , जो हो रहा है सो हो रहा हैं , केवल साक्षी है। इस साक्षित्व से जिस दिन मनुष्य एकात्म हो  जाता है वही योग है।  योग है वही योग  उन्होंने कहा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मानाने  का श्रेय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है। वो स्वयं योगाभ्यासी हैं ।