वाराणसी, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर), वाराणसी का 36वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं संस्थान की उपलब्धियों पर आधारित वृत्तचित्र के प्रदर्शन से हुआ मुख्य अतिथि डॉ. पी.एस. पाण्डेय, कुलपति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर ने कहा कि सब्जियां पोषण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने जलवायु स्मार्ट फसलों, पोषक किस्मों और शहरी खेती पर शोध बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने आईआईवीआर की ‘काशी मनु’ कलमी साग प्रजाति को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए उपयोगी बताते हुए इसकी विपरीत मौसम सहने की क्षमता की सराहना की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बिजेंद्र सिंह, कुलपति, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या ने कहा कि आईआईवीआर ने 35 वर्षों में देश की सब्जी क्रांति को नई दिशा दी है। उन्होंने वर्षभर सब्जियों की उपलब्धता, बहु-रोग प्रतिरोधी किस्मों, सुरक्षित सब्जी उत्पादन, जैविक खेती और उद्यमिता विकास पर शोध की आवश्यकता बताई विशिष्ट अतिथि डॉ. मेजर सिंह, पूर्व सदस्य, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली ने एफपीओ एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. वी.के. मिश्रा ने जलवायु परिवर्तन, सुरक्षित सब्जी उत्पादन और पोषण सुरक्षा पर शोध को आवश्यक बताया। डॉ. मयंक राय, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, समस्तीपुर ने जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर शोध करने की बात कही आईआईवीआर के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि अब तक 150 से अधिक उन्नत किस्में एवं संकर विकसित किए गए हैं। उन्होंने ‘स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत’ के लक्ष्य में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. धनंजय प्रताप सिंह, एस.के. सिंह, बोबी कुमार एवं अरुण कुमार को सम्मानित किया गया। शोध एवं शिक्षा के विस्तार तथा तकनीकी हस्तांतरण के लिए फार्म सागर बायोटेक, गुजरात, नेचुरल एंड एसेंशियल ऑयल्स, कर्नाटक तथा टी स्टांस एंड कंपनी लिमिटेड, तमिलनाडु के साथ समझौते भी हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ए.एन. सिंह ने दिया।