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  • The Congress OBC Department observed the birth anniversary of Chhatrapati Shahu Ji Maharaj—the pioneer of social justice and reservation—as 'Reservation Day': Ashok Vishwakarma.

कांग्रेस ओबीसी विभाग ने सामाजिक न्याय और आरक्षण के जनक छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती को आरक्षण दिवस के रूप में मनाया: अशोक विश्वकर्मा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने बताया है कि कांग्रेस पार्टी ओबीसी विभाग ने छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती को पूर्व संध्या पर आरक्षण दिवस के रूप में मनाया, इस मौके पर आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में सामाजिक न्याय एवं भागीदारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में छत्रपति शाहूजी महाराज के जीवन पर आधारित ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल जय हिंद जी द्वारा निर्देशित वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया। सम्मेलन में नेताओं ने शोषित,वंचित, उपेक्षित शूद्र समाज के सम्मान और अधिकार के लिए शाहूजी महाराज द्वारा किए गए ऐतिहासिक निर्णय और योगदान की चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज आधुनिक भारत में आरक्षण और सामाजिक न्याय के जनक थे। कोल्हापुर रियासत के इस महान राजा ने 26 जुलाई 1902 को ऐतिहासिक आदेश जारी कर दलितों और पिछड़ों के लिए सरकारी नौकरियों व शिक्षा में 50% आरक्षण लागू  कर क्रांतिकारी कदम उठाया था। नेताओं ने कहा शाहूजी महाराज एक दूरदर्शी और क्रांतिकारी शासक थे।

उन्होंने गैर-ब्राह्मणों, दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए 50% आरक्षण की घोषणा की ,यह आधुनिक भारत में जातिगत आधार पर दिया गया पहला आरक्षण था। शिक्षा का प्रसार और छुआछूत का अंत किया। उन्होंने अपने राज्य में प्राथमिक शिक्षा को निःशुल्क और अनिवार्य कर दिया。उन्होंने दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए कई मुफ्त छात्रावास बनवाए। अस्पृश्यता (छुआछूत) के खिलाफ कानून बनाया और अछूतों को अस्पतालों और स्कूलों में समान अधिकार दिलाए। उन्होंने 'बलूतदारी' और 'वतनदारी' जैसी सामंती प्रथाओं को समाप्त किया। जो दलितों को परिवार सहित बिना वेतन के पूरे गांव की सेवा करने के लिए मजबूर करती थी।

बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने स्वयं साहू जी महाराज को सामाजिक लोकतंत्र का स्तंभ कहा था। उनके इन्हीं महान कार्यों के कारण उन्हें राजर्षी की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था।सम्मेलन में नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार आरक्षण को समाप्त करना चाहती है तथा समाज के निचले वर्ग के श्रमिकों, कामगारों और मजदूरों को ठेका प्रथा के तहत गुलाम मजदूर बनाना चाहती है। सम्मेलन में परंपरागत मजदूरों कामगारों और विश्वकर्मा समाज के प्रजापति शिल्पकारों के हक की बात भी उठाई गई। सम्मेलन में नेताओं ने ओबीसी और एससी एसटी समाज के बहुजनों को संगठित होने का आह्वान किया गया। नेताओं ने कहा कि देश के क्षेत्रीय दलों को भाजपा समाप्त कर देना चाहती है। न्याय योद्धा राहुल गांधी सभी वर्ग के लोगों के हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सम्मेलन को प्रमुख रूप से ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल जय हिंद, अनुसूचित विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव, सांसद राकेश राठौर, तनुज पुनिया, वीरेंद्र चौधरी, सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।