नई दिल्ली। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ जस्टिस’ के तहत आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों के लिए न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।
मेघवाल ने बताया कि टेली-लॉ, न्याय बंधु और प्रो बोनो सेवाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह उपलब्ध कराई गई है। ई-फाइलिंग, ई-कोर्ट, वर्चुअल कोर्ट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं ने न्याय तक पहुंच को आसान बनाया है। सरकार द्वारा न्यायालय भवनों और डिजिटल अवसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि SUVAS और भाषिणी जैसे एआई आधारित प्लेटफॉर्म न्यायिक आदेशों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद कर रहे हैं, जिससे आम लोगों के लिए कानून को समझना आसान हुआ है। नई आपराधिक न्याय प्रणाली, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) तथा डिजिटल जमानत आदेश जैसी पहलें न्याय वितरण को और अधिक तेज एवं प्रभावी बना रही हैं।
मेघवाल ने कहा कि अनावश्यक कानूनों और अनुपालनों को समाप्त करने, वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को बढ़ावा देने तथा न्यायिक ढांचे को मजबूत करने से देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ दोनों को बल मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में देश की न्याय व्यवस्था और अधिक समावेशी, आधुनिक तथा नागरिक-केंद्रित बनेगी।