नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुआ व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होगा, जिससे भारतीय किसानों, एमएसएमई, मछुआरों, स्टार्टअप और पेशेवरों के लिए वैश्विक अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति देगा।
गोयल ने बताया कि समझौते के तहत भारतीय उत्पादों को यूके बाजार में लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे कृषि, वस्त्र, रत्न-आभूषण, खिलौने, खेल सामग्री और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ होगा। किसानों को हल्दी, मसाले, आम उत्पाद और अन्य कृषि वस्तुओं के निर्यात के नए अवसर मिलेंगे, जबकि घरेलू कृषि हितों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवरों, योग प्रशिक्षकों, रसोइयों और संगीतकारों को भी यूके में बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योगदान से जुड़ी दोहरी भुगतान व्यवस्था समाप्त होने से हजारों भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को राहत मिलेगी।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक व्यापार समझौतों के माध्यम से निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। सीईटीए भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक ताकत और विश्वसनीय साझेदार के रूप में उसकी पहचान को और मजबूत करेगा।