खखरेरू/फतेहपुर- धाता विकासखंड के अंजना कबीर गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में नाम व पता उर्दू में लिखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद सोमवार रात उक्त लेखन को पुतवाने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह से ही हिंदू सुरक्षा परिषद के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी विद्यालय के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में मनमाने ढंग से उर्दू भाषा में नाम लिखवाया गया और रात के अंधेरे में साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।
संगठन के पदाधिकारी आशीष शुक्ला ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि करीब पांच महीने से विद्यालय में उर्दू में नाम लिखा था, लेकिन न तो खंड शिक्षा अधिकारी और न ही विद्यालय के शिक्षकों की इस पर नजर पड़ी।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में हिंदी भाषा में नाम व पता लिखा हुआ है। उर्दू में लिखें प्रकरण की जांच कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और फोटो में चार अप्रैल की शाम विद्यालय की दीवार पर उर्दू में लेखन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह कार्य किसके निर्देश पर किया गया।