सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘मार्क्सवाद और रामराज्य’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

वाराणसी सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या विभाग द्वारा योगसाधना केन्द्र में स्वामी करपात्री जी महाराज के कालजयी ग्रंथ ‘मार्क्सवाद और रामराज्य’ की समसामयिक प्रासंगिकता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं व्याख्यान-विमर्श आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि यह ग्रंथ भारतीय राज्य-दर्शन, सामाजिक समरसता और धर्माधिष्ठित लोकव्यवस्था का प्रामाणिक दर्शन प्रस्तुत करता है। मुख्य अतिथि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने स्वामी करपात्री जी के चिंतन को राष्ट्र और धर्म का शाश्वत पथप्रदर्शक बताते हुए युवाओं से भारतीय मनीषियों के मूल ग्रंथों के अध्ययन का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता रोहित कुमार सिंह ने कहा कि रामराज्य न्याय, समरसता, नैतिकता और लोककल्याण पर आधारित आदर्श समाज व्यवस्था का प्रतीक है तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है।

संगोष्ठी का संयोजन एवं संचालन डॉ. रविशंकर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ तथा समापन राष्ट्रगान से हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक आचार्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।