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  • Former Minister Nawab Kazim Ali Khan (alias Naved Miyan) and Nawabzada Haider Ali Khan (alias Hamza Miyan) participating in the procession of the Zarih-e-Aqdas.

ज़रीह-ए-अक़दस के जुलूस में शिरकत करते पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां और नवाबज़ादा हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां।

रामपुर /उत्तर प्रदेश/ रामपुर मेंजरीह के जुलूस में शामिल हुए नवेद मियां और हमजा मियां  रामपुर। शाही औक़ाफ के तत्वाधान में मिस्टन गंज से शुरू होकर जरीह का जुलूस इमामबाड़ा ख़ासबाग पहुंचने पर पूर्व मंत्री नवाब काज़िम अली खां उर्फ नवेद मियां और मुतवल्ली औकाफ नवाबजादा हैदर अली खां उर्फ हमज़ा मियां ने या हुसैन का परचम थामकर इस्तक़बाल किया। दोनों की मौजूदगी में जरीह-ए-अक़दस को सलामी पेश की गई। नोहाख्वानी के बाद जारीह को इमामबाड़ा ख़ासबाग में रखा गया। 


इमामबाड़ा ख़ासबाग में रौशनी और नज़र में पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, बेगम यासीन अली खान उर्फ शाहबानो, अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष काशिफ खां, हसनात अली खां, सुहेल मियां, मोहम्मद रजा उर्फ राजा, शबाब हुसैन भी शामिल रहे।

रामपुर में मोहर्रम का जुलूस ऐतिहासिक एवं परम्परागत रूप से निकाला जाता है। इमामबारगाहों में कर्बला के शहीदों की याद में मजलिसें होती हैं। खासबाग इमामबाड़े में चार क्विंटल चांदी की जरीह है, जिसे देखने हजारों अजादार आते है।