नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन के संकल्प को दोहराते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि विकसित भारत की आधारशिला तभी मजबूत होगी, जब वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता का अवसर मिले उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय, स्वास्थ्य सहायता और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में लगातार काम कर रहा है। एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम (IPSrC) के तहत वृद्धाश्रम और निरंतर देखभाल गृहों के माध्यम से 10.76 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सहायता मिली है राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत 9 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को 53 लाख से अधिक निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। वहीं एल्डरलाइन हेल्पलाइन 14567 के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को सहायता, परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2023 से अब तक 30 हजार से अधिक जेरियाट्रिक केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया गया है बी. एल. वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक केवल सहायता के पात्र नहीं, बल्कि अनुभव और ज्ञान के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ब्रह्माकुमारीज़, रामकृष्ण मिशन और अखिल विश्व गायत्री परिवार जैसे संगठनों के साथ मंत्रालय ने 7 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘दादा-दादी मिलन समारोह’ और वॉकाथॉन जैसे कार्यक्रमों से अंतरपीढ़ीगत संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2024 से 2026 के कार्यक्रमों और प्रेरक प्रसंगों को ‘स्नेह ई-बुक’ में संकलित किया गया है उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सेवा केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। बुजुर्गों की बात सुनना, डिजिटल सेवाओं में मदद करना, अस्पताल या बैंक जाने में सहयोग देना जैसी छोटी पहल भी सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करती हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और गरिमा देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।