पार्क’ के मंचन ने दर्शकों को किया रोमांचित

तीन बेंचों पर अधिकार की जद्दोजहद में दिखा अकेलेपन और विस्थापन का दर्द

वाराणसी। काशी नागरी नाटक मंडली द्वारा आयोजित आश्विन नाट्य महोत्सव-2026 की तृतीय संध्या में बनारस यूथ थिएटर संस्था की ओर से मानव कौल लिखित एवं युवा रंगकर्मी उत्कर्ष उपेंद्र सहस्रबुद्धे निर्देशित नाटक ‘पार्क’ का जीवंत मंचन किया गया। नागरी नाटक मंडली का सभागार दर्शकों से खचाखच भरा रहा और कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा नाटक की कहानी एक पार्क में रखी तीन बेंचों पर अधिकार जमाने के लिए तीन पात्रों के बीच होने वाले संघर्ष, झगड़े और ऊहापोह के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को सामने लाती है। तीन सीटों और तीन लोगों की यह कहानी महज बेंच पर अधिकार की लड़ाई नहीं, बल्कि इंसानी अकेलेपन, असुरक्षा, अपने हिस्से की जमीन पाने की जद्दोजहद और इतिहास में हुए विस्थापन की अनकही पीड़ा को भी प्रभावी ढंग से दर्शाती है कलाकारों ने संवाद अदायगी और सधे हुए अभिनय से मंच पर ऐसा प्रभाव पैदा किया कि दर्शकों की नजरें पूरे समय मंच से नहीं हटीं। नाटक में ओम गुप्ता, राज वर्धन सिंह, अर्चना निगम, बिपिन कुमार और विनायक पाण्डेय ने प्रभावशाली अभिनय किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मीना सिंह, पूर्व सांसद, बिक्रमगंज एवं आरा (बिहार) रहीं। नाटक का संगीत सत्यम सिंह एवं विकेश सेठ, प्रकाश व्यवस्था राम कृष्ण यादव एवं रोहन गुप्ता, मंच सज्जा विशाल श्रीवास्तव, रजत सेठ एवं शिवम गुप्ता तथा रूप सज्जा कुतुब कमाल ने की। निर्देशन युवा रंगकर्मी एवं निर्देशक उत्कर्ष उपेंद्र सहस्रबुद्धे ने किया इस अवसर पर युवा रंग निर्देशक अर्पित शिधोरे, राजेश्वर त्रिपाठी, दिनेश श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत नागरी नाटक मंडली के अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता ने किया। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने किया।