बालिकाओं को शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता से सशक्त बनाना मेरा लक्ष्य : सीता पटेल

वाराणसी। मुर्दहा क्षेत्र के भुसौला निवासी समाजसेविका सीता पटेल बालिकाओं के शिक्षा, संस्कार और कौशल विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वह अपने रिया सिलाई केंद्र के माध्यम से बालिकाओं एवं महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं।

सीता पटेल का मानना है कि "हुनर है तो कदर है", इसलिए बालिकाओं को औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल भी सीखना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ संस्कार देना भी उतना ही आवश्यक है, जिससे बेटियां जीवन में सफलता के साथ-साथ अच्छे नागरिक के रूप में भी विकसित हो सकें।

हाल ही में उन्होंने एक जरूरतमंद बालिका सुषमा के रहने और खाने की व्यवस्था स्वयं कर उसकी शिक्षा में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब, असहाय और वंचित परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत हैं तथा उन्हें निःशुल्क सिलाई, बुनाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं।

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. लियाकत अली जलज से अनौपचारिक बातचीत में सीता पटेल ने कहा कि बेटी और बेटे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "बेटियां हैं तो कल है।" सरकार भी बेटियों को शिक्षा, खेलकूद और कौशल विकास के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं की शिक्षा में हर संभव सहायता प्रदान करने का उनका संकल्प है, ताकि कोई भी बेटी केवल आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रह जाए।