राष्ट्रीय पोषण माह के अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सेवापुरी, जनपद वाराणसी में बच्चों के स्वास्थ्य एवं समुचित खान-पान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ग्राम्या संस्थान एवं उत्तर प्रदेश फोर्सेस के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह अभियान उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में अलग-अलग साथी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ पोषण से सम्बन्धित जन-जागरूकता पोस्टर के विमोचन से किया गया इस क्रम में सुरेन्द्र जी द्वारा पोस्टर के माध्यम से सभी को अल्ट्रा प्रोसेस्ड फ़ूड के बारे में जानकारी दी गयी। चर्चा के क्रम में सभी के द्वारा यह निकलकर आया कि आजकल बच्चों के द्वारा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फ़ूड (जैसे-बिस्कुट, चिप्स, कुरकुरे, टॉफी/चाकलेट, मैगी/नूडल्स कोल्ड ड्रिंक इत्यादि) के बढ़ते उपयोग के कारण इसका दुष्प्रभाव उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी पड़ रहा है। बच्चे अक्सर घर के बने खाने/नाश्ते की बजाय बाज़ार में उपलब्ध पैकेट बन्द ज्यादा मीठे, ज्यादा नमकीन, कृत्रिम रंग, स्वाद वाली खाद्य सामग्री ज्यादा पसन्द करते हैं बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ऐसी आदतों के प्रति सभी को सचेत होने तथा घरों में उपलब्ध पौष्टिक आहार जैसे-मोटे अनाज, सत्तू, भुना चना, गुड़, दूध, दही, मट्ठा, मौसमी हरी सब्जियां व फल इत्यादि) को बढ़ावा देने एवं दैनिक खान-पान में शामिल करने की आवश्यकता है। बी0पी0एम0 अनूप मिश्रा ने बच्चों के स्वास्थ्य के देखभाल सम्बन्धी जानकारी दी। उन्होंने समुदाय में जंक फ़ूड के बहिष्कार एवं स्थानीय पौष्टिक खान-पान को शामिल करने का आह्वान किया गया एवं प्रतिभागियों से इस हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी उत्तर प्रदेश फोर्सेस के संयोजक रामायन जी ने भी पौष्टिक आहार को अपनाने पर जोर दिया और बताया कि फोर्सेस 0-6 वर्ष के बच्चों के साथ 12 राज्यों में काम कर रहा है।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से महिला चिकित्सक शालिनी शर्मा, बी0सी0पी0एम0 रानी, अन्य अधिकारियों, हितभागियों, संस्था प्रतिनिधियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स (आशा, ए0एन0एम0, आंगनवाड़ी कार्यकत्री) सहित लगभग 65 प्रतिभागियों की सहभागिता रही कार्यक्रम के अन्त में ग्राम्या संस्थान से सुरेन्द्र ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।