रामपुर। उत्तर प्रदेश रामपुर के तहसील शाहाबाद क्षेत्र में पारंपरिक रूप से निकलने वाले इल्म (धार्मिक जुलूस) को ढोल-बाजे के साथ निकालने से रोके जाने के मामले में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला। बताया जाता है कि लगभग 15 से 20 ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा से मुलाकात कर अपनी बात रखी और मामले से अवगत कराया।
ग्रामीणों का कहना था कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से ढोल-बाजे के साथ पारंपरिक रूप से जुलूस निकालते आ रहे हैं, लेकिन इस बार पुलिस द्वारा जुलूस को रोक दिया गया, जिससे लोगों में नाराजगी है। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि उन्हें पूर्व की भांति परंपरा के अनुसार जुलूस निकालने की अनुमति दी जाए।
वहीं पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने ग्रामीणों को बताया कि जुलूस निकालने के लिए आवश्यक अनुमति (परमिशन) होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जो तिथि निर्धारित की गई है, उसी तिथि पर नियमानुसार जुलूस निकाला जा सकता है। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मामले को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई, जिसमें नियमानुसार समाधान निकालने पर चर्चा की गई। पुलिस प्रशासन ने सभी से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।