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  • Grand Conclusion of Mid-AOICON 2026: An Excellent Confluence of ENT Education, Innovation, and Research at BHU

मिड एओआईकॉन 2026 का भव्य समापन: बीएचयू में ईएनटी शिक्षा, नवाचार और शोध का उत्कृष्ट संगम

वाराणसी, एसोसिएशन ऑफ ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (AOI) के क्षेत्रीय सम्मेलन मिड एओआईकॉन 2026 का दो दिवसीय आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी के के. एन. उदुपा ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में देशभर से आए प्रख्यात ईएनटी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया।

विभाग ओटोराइनोलैरिंगोलॉजी, आईएमएस-बीएचयू एवं महमाना ईएनटी एजुकेशनल ट्रस्ट (MEET) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन ने देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ आधुनिक चिकित्सा, शल्य कौशल एवं नवीन तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण एंटीरियर एवं लेटरल स्कल बेस सर्जरी की कैडैवरिक डिमॉन्स्ट्रेशन रही, जिसमें प्रतिभागियों को जटिल शल्य प्रक्रियाओं एवं आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। दो दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रम के दौरान देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने राइनोलॉजी, ओटोलॉजी, न्यूरोटोलॉजी, स्कल बेस सर्जरी, कॉक्लियर इम्प्लांटेशन, एयरवे रिकंस्ट्रक्शन, लैरिंगोलॉजी, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी, वेस्टिब्यूलर विकारों तथा स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग जैसे विषयों पर व्याख्यान एवं विचार-विमर्श प्रस्तुत किए।

सम्मेलन में आयोजित डाविंची रोबोटिक सर्जरी प्रशिक्षण, वीएनजी एवं पोस्ट्यूरोग्राफी कार्यशाला, स्ट्रोबोस्कोपी प्रशिक्षण, सियालेंडोस्कोपी कार्यशाला तथा स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स के उपयोग पर आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रतिभागियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया।

युवा चिकित्सकों एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए आयोजित वैज्ञानिक शोधपत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियों ने सम्मेलन को विशेष शैक्षणिक महत्व प्रदान किया। इन प्रस्तुतियों ने शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सम्मेलन ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक आदान-प्रदान के साथ-साथ आपसी सहयोग और सांस्कृतिक सहभागिता का अवसर भी प्रदान किया तथा विश्व की प्राचीनतम जीवित नगरी वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार, आयोजन सचिव डॉ. विश्वम्भर सिंह, सह-अध्यक्ष डॉ. एस. के. अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष डॉ. शिवा एस. ने सम्मेलन की सफलता के लिए सभी आमंत्रित वक्ताओं, प्रतिनिधियों, प्रायोजकों, आयोजन समिति के सदस्यों तथा स्वयंसेवकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन का समापन पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के साथ हुआ, जिसने ओटोराइनोलैरिंगोलॉजी के क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के अपने