छीतमपुर में 51वें श्री शतचंडी महायज्ञ के अंतर्गत कथा महोत्सव का शुभारंभ, योगी श्यामनयन जी महाराज ने सुनाई भागवत महिमा
वाराणसी, 23 जून। चौबेपुर क्षेत्र के छीतमपुर स्थित नेपाली माता भगवती धाम में आयोजित 51वें श्री शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व विधिवत पूजन-अर्चन एवं मंगलाचरण किया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भागवत कथा श्रवण में भावविभोर हो गए।
वृंदावन धाम के सुप्रसिद्ध कथावाचक योगी श्यामनयन जी महाराज ने कथा के प्रथम दिवस श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, करुणा और ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करने वाला दिव्य मार्गदर्शन है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान की कथा का श्रवण मनुष्य को मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और मोक्ष का मार्ग प्रदान करता है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन एवं जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कथा का श्रवण किया। कथा स्थल पर महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
आयोजन समिति ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन सायं 4 बजे से आयोजित की जाएगी, जबकि प्रातःकाल शतचंडी महायज्ञ एवं हवन का क्रम जारी रहेगा। 29 जून को पूर्णाहुति एवं विशेष पूजन तथा 30 जून को 64 गांवों के श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम को परमहंस श्री श्री 1008 मोनी गिरि नागा बाबा का सानिध्य प्राप्त है तथा यज्ञाचार्य राजेंद्र जी महाराज (अयोध्या धाम) के निर्देशन में वैदिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। आयोजन में क्षेत्र के 64 गांवों के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रहे हैं।
इस अवसर पर संत-महात्माओं, गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।