वाराणसी, भारतीय वायुसेना की मध्य वायु कमान ने बाढ़, भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल ही में 27 सितंबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर में इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच डोंगाघाट गांव के पास फंसे तीन महिलाओं, तीन बच्चों और एक शिशु समेत 12 नागरिकों को एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर और गरुड़ कमांडो की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला बचाव दल ने कमजोर छत पर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर को स्थिर रखते हुए गरुड़ कमांडो को उतारा और सभी 12 लोगों को विन्च के माध्यम से सुरक्षित निकाला। आपदा राहत अभियानों में पायलट, इंजीनियर, गरुड़ कमांडो, वायु यातायात नियंत्रक, चिकित्सा दल और ग्राउंड सपोर्ट कर्मी समन्वित टीम के रूप में कार्य करते हैं मध्य वायु कमान के प्रमुख राहत अभियानों में 2001 भुज भूकंप, 2004 हिंद महासागर सुनामी, 2013 ऑपरेशन राहत (उत्तराखंड), 2014 ऑपरेशन मेघ राहत (जम्मू-कश्मीर), 2015 नेपाल भूकंप, 2017 बिहार-उत्तर प्रदेश बाढ़, 2018 बाढ़ राहत, 2020-21 कोविड प्रतिक्रिया और 2025 धराली-हर्षिल आपदा राहत अभियान शामिल हैं 2013 के उत्तराखंड अभियान में संख्या 111 हेलीकॉप्टर यूनिट और संख्या 158 हेलीकॉप्टर यूनिट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संख्या 158 यूनिट के एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टरों ने 3,318 लोगों को बचाया और 78.35 टन राहत सामग्री पहुंचाई। अगस्त 2017 में गोरखपुर से संचालित एमआई-17 ने महाराजगंज में बाढ़ से घिरे 45 लोगों को सुरक्षित निकाला 1 सितंबर 2025 को सुकमा की साबरी नदी में एमआई-17वी5 और गरुड़ कमांडो ने 48 वर्षीय हिडमा सोड़ी को तेज धाराओं के बीच से बचाया। वहीं 29 अगस्त 2026 को चित्रकूट में चेतक हेलीकॉप्टर से दो बुजुर्ग नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया।
इन अभियानों के बीच 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर होने वाले Indian Air Force Aerial Display-2026 की तैयारियां भी चल रही हैं। वायुसेना ने नागरिकों से कार्यक्रम से संबंधित यातायात, दर्शक क्षेत्र और सुरक्षा निर्देशों के लिए केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।