हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पांच बार विधायक व मंत्री रहे थे नालागढ़ राजघराने के वर्तमान प्रमुख राजा विजयेंद्र सिंह
रामपुर। उत्तर प्रदेश/ रामपुर।अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने नालागढ़ राजघराने के प्रमुख एवं हिमाचल प्रदेश के पांच बार विधायक व मंत्री रहे राजा विजयेंद्र सिंह के निधन पर शोक जताया है। उनके निधन के समाचार से रामपुर के राजपरिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। नवेद मियां ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
पूर्व मंत्री नवेद मियां ने बताया कि
26 जून 1946 को देहरादून में जन्मे राजा विजयेंद्र सिंह ने 5 मई 1971 को नालागढ़ रियासत की गद्दी संभाली थी। उन्होंने वुडस्टॉक स्कूल, मसूरी, यादवेंद्र पब्लिक स्कूल, पटियाला और दून स्कूल, देहरादून से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1966 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।
नवेद मियां ने बताया कि राजा विजयेंद्र सिंह का राजनीतिक जीवन भी बेहद सक्रिय रहा। वे वर्ष 1977 से 1999 के बीच विभिन्न कार्यकालों में नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए पांच बार विधायक रहे। इस दौरान उन्होंने मुख्य संसदीय सचिव (1982–83) तथा राज्य मंत्री (1984–85 और 1988–89) के रूप में भी प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। अपने राजनीतिक जीवन में वे क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों के लिए जाने जाते रहे। 7 अप्रैल 1968 को उनका विवाह रानी सुकृति कुमारी से हुआ था। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
उन्होंने बताया कि राजा विजयेंद्र सिंह को एक ऐसे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने राजपरंपरा के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाई। उनके निधन से सम्मानित जननेता और राजपरिवार के मुखिया को खो दिया है। नवेद मियां ने शोक प्रकट करते हुए बताया कि उनका अंतिम संस्कार 2 जुलाई को किया जायेगा।
नालागढ़ के राजा विजयेंद्र सिंह का हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। उनकी पत्नी रानी साहिबा सुकृति कुमारी, पुत्री राजकुमारी सुहानी कुमारी और पुत्र राजकुमार जयत सिंह के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें और नालागढ़ के राजपरिवार को इस व्यक्तिगत क्षति को सहने की शक्ति, साहस और धैर्य प्रदान करें।