द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ

द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी, लखनऊ में “एल नीनो एवं वैश्विक जलवायु (El Nino and Global Climate)” विषय पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया।

भारत में एल नीनो के प्रभाव से सामान्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे वर्षा में कमी, सूखे जैसी परिस्थितियाँ, कृषि उत्पादन में गिरावट, खाद्यान्न उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव, जलाशयों एवं भूजल स्तर में कमी तथा पेयजल और सिंचाई के लिए जल संकट उत्पन्न हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि, महंगाई, बिजली उत्पादन पर प्रभाव तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। एल नीनो (El Niño) एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें मध्य एवं पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के समुद्री सतह के तापमान में सामान्य से अधिक वृद्धि हो जाती है। इसके कारण वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित होता है, जिससे अनेक देशों में मौसम के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। वहीं विश्व के अन्य भागों में अत्यधिक वर्षा, बाढ़, भीषण गर्मी, जंगलों में आग तथा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तन जैसी घटनाएँ देखने को मिल सकती हैं।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, महानिदेशक (तकनीकी), स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ ने सहभागिता की। अपने व्याख्यान में उन्होंने एल नीनो (El Niño) की वैज्ञानिक अवधारणा, इसके बनने की प्रक्रिया तथा वैश्विक एवं भारतीय जलवायु पर इसके दूरगामी प्रभावों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि एल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य एवं पूर्वी भाग के समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि के कारण उत्पन्न होने वाली एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसका प्रभाव विश्व के अनेक देशों की वर्षा, तापमान, कृषि उत्पादन, जल संसाधनों तथा प्राकृतिक आपदाओं पर पड़ता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, चरम मौसमीय घटनाओं, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने बदलती वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी नीतियों, जन-जागरूकता तथा सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. वी. पी. सिंह, अध्यक्ष, आई.ई.आई. उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन सम्पूर्ण विश्व के समक्ष एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे तकनीकी व्याख्यान अभियंताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों को समसामयिक वैज्ञानिक विषयों की नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे उपयोगी एवं समसामयिक तकनीकी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी।

कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम के संयोजक प्रो. जमाल नुसरत, द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के मानद सचिव इं. एन. के. निशाद, ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, अभियंताओं, शिक्षाविदों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

इं. एन. के. निशाद