आज लखनऊ में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ओबीसी विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को डॉ. अनिल जयहिंद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ओबीसी कांग्रेस ने संबोधित किया। उनके साथ मंच पर श्री जितेंद्र बघेल (सचिव, AICC एवं सचिव, राष्ट्रीय ओबीसी सलाहकार परिषद), श्री मनोज यादव (अध्यक्ष, ओबीसी विभाग, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी), श्री ओम प्रकाश मेहतो (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ओबीसी कांग्रेस) सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल जयहिंद ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए:
1. महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती और सामाजिक क्रांति
डॉ. जयहिंद ने कहा कि ओबीसी कांग्रेस देशभर में सत्यशोधक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती मना रही है। इसी क्रम में 11 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित, मार्स ऑडिटोरियम,इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक आयोजन में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं सामाजिक न्याय के प्रमुख विचारकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जिनमें प्रमुख हैं:
श्री भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़),
श्री पोन्नम प्रभाकर (परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री, तेलंगाना),
श्री अविनाश पांडे (प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी),
श्री के. राजू (प्रभारी, झारखंड कांग्रेस कमेटी),
श्री कमलेश्वर पटेल (सदस्य, कांग्रेस कार्य समिति),
श्री अजय राय (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी),
श्री राकेश राठौर (सांसद, सीतापुर),
श्री राजेंद्र पाल गौतम (अध्यक्ष, एससी विभाग),
श्री इमरान प्रतापगढ़ी (अध्यक्ष, अल्पसंख्यक विभाग),
सुश्री आराधना मिश्रा (नेता, कांग्रेस विधानमंडल दल),
श्री रवि वर्मा (पूर्व सांसद),
श्री वीरेंद्र चौधरी विधायक
श्री अजय कुमार लल्लू सहित अन्य वरिष्ठ नेता भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने अकेले ही सामाजिक क्रांति का बिगुल फूंका और ओबीसी, एससी, एसटी समाज को सामाजिक गुलामी से मुक्त किया। आज इस अधूरी सामाजिक क्रांति को “न्याय योद्धा” श्री राहुल गांधी जी आगे बढ़ा रहे हैं।
2. वैज्ञानिक जाति जनगणना की मांग
डॉ. जयहिंद ने मोदी सरकार से मांग की कि देश में एक वैज्ञानिक जाति जनगणना कराई जाए, जिसमें केवल जातियों की गिनती ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक स्थिति, सरकारी नौकरियों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नौकरशाही में हिस्सेदारी का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाए।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना का 54 प्रश्नों वाला मॉडल पूरे देश के लिए आदर्श है, जबकि वर्तमान में केंद्र सरकार की केवल गिनती आधारित प्रक्रिया नीतिगत सुधारों के लिए अपर्याप्त है।
3.तेलंगाना मॉडल के लिए सम्मान
ओबीसी कांग्रेस ने तेलंगाना के मंत्री श्री पोन्नम प्रभाकर को राज्य में वैज्ञानिक जाति जनगणना के उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित करने की घोषणा की।
4. महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी महिलाओं की उपेक्षा
डॉ. जयहिंद ने कहा कि प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी महिलाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित 273 सीटों में अधिकांश सामान्य वर्ग को मिलेंगी, जिससे संसद की सामाजिक संरचना असंतुलित हो जाएगी और लोकतंत्र में समान भागीदारी का सिद्धांत कमजोर होगा।इसके कारण संसद में ओबीसी विरोधी नीतियों का बुलडोज़र चलेगा और ओबीसी के संविधानिक अधिकारों को बेरहमी से कुचला जाएगा।
5. जनगणना में ओबीसी की अनदेखी
उन्होंने बताया कि जनगणना के हाउसिंग फॉर्म में ओबीसी का अलग से उल्लेख नहीं है, जो यह दर्शाता है कि सरकार ओबीसी समाज की वास्तविक स्थिति को जानने और सुधारने के प्रति गंभीर नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
डॉ. जयहिंद ने स्पष्ट किया कि यदि ओबीसी महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं दिया गया, तो देशव्यापी सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी ने पंचायती राज में ओबीसी आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय को मजबूती दी थी, जबकि वर्तमान सरकार की नीतियां ओबीसी विरोधी हैं।