युगपुरुष अशोक सिंघल की जन्मशती पर पीएम मोदी ने किया स्मरण

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युगपुरुष श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके जीवन, सेवा और राष्ट्र समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी का जीवन लोककल्याण, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्र सेवा के लिए पूर्णतः समर्पित रहा प्रधानमंत्री ने कहा कि 27 सितंबर से अशोक सिंघल जी का जन्मशताब्दी वर्ष शुरू हो रहा है। उन्होंने अशोक जी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए 1981 में मिले उनके हस्तलिखित पत्र और वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप के दौरान उनके सेवा कार्यों का उल्लेख किया उन्होंने बताया कि अशोक सिंघल जी का जन्म प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता महावीर जी प्रशासक थे, भाई बी.पी. सिंघल जी पुलिस अधिकारी एवं बाद में सांसद रहे तथा वी.पी. सिंघल जी त्रिपुरा के मुख्य सचिव बने। इसके बावजूद अशोक जी ने अपना जीवन समाज और राष्ट्र सेवा को समर्पित किया प्रधानमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल जी की ऐतिहासिक भूमिका को स्मरण करते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के पीछे उनके जैसे अनेक लोगों का निस्वार्थ समर्पण रहा। उन्होंने सामाजिक समरसता के प्रति अशोक जी की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कामेश्वर चौपाल जी और काशी के डोम राजा के प्रति उनके सम्मान को भी याद किया प्रधानमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल जी का शिक्षा, वैदिक शिक्षा और संगीत से गहरा लगाव था। वे बीएचयू से शिक्षित थे और एकल विद्यालय की पहल से जुड़े रहे। उनके मधुर गायन को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2015 में उनके 90वें जन्मदिवस पर गाए गीत का भी उल्लेख किया उन्होंने युवाओं से अशोक सिंघल जी के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने तथा राष्ट्र एवं देशवासियों के लिए उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।