बी ए न्यूज़ श्रीराम गुप्ता/अभिषेक कुमार गुप्ता । रामपुर मथुरा सीतापुर 26 सितंबर। विकास क्षेत्र रामपुर मथुरा अंतर्गत जहां घाघरा नदी का जल स्तर सामान्य है वहीं करीब 48 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश व तेज़ हवाओं से सैकड़ों पेड़ गिर गए। मकान गिरे , विद्युत पोल टूटे । खेतों में खड़ी धान की फसलें धराशाई हो गईं। खेतों में गिरी, पानी में डूबी फसलों से किसान की मेहनत पर पानी फिर गया। तूफ़ानी बारिश से आन्नदाता को स्वयं अन्न के लिए परेशान होने की नौबत आ गई है। क्षेत्र के ग्राम गौरा से लेकर कोठवल, सरैयां मसूदपुर ,बांसुरा ,रायपुर अलायपुर, सिरकुंडा, मरौचा, भागीपुर तक के करीब एक दर्जन गांवों की धान की फसलें चौका नदी की बाढ़ के पानी में पहले से ही डूबी,बर्बाद हो रही थीं,।अब इस तूफ़ानी बारिश से क्षेत्र की अधिकांश बची धान की फसलें भी धराशाई हो गई हैं। इस भयंकर प्राकृतिक/आपदा से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है । चक्रवाती तूफ़ानी हवाओं से भारी तबाही हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चंदेला मजरा जरावन में राम सजीवन पुत्र रामेश्वर की झोपड़ी आति वृष्टि से गिर गई। वाहीं ग्राम पंचायत बरूई बरुआ के मजरा रघवापुर में सतीश अवस्थी पुत्र लालता प्रसाद के घर पर बरगद का पेड़ गिर गया जिसके नीचे दबकर भैंस के मरने की खबर है। । इस तरह तूफ़ानी हवाओं व बारिश से सब तरफ़ चिंता का माहौल है।जन जीवन अस्त व्यस्त सा है। किसानों ने तहसील प्रशासन से अपेक्षित सहायता की मांग की है रामपुर मथुरा के ग्राम रघवापुर में मकान के ऊपर गिरा पड़ा बरगद का पेड़।