वाराणसी। 12वें नेशनल कॉन्क्लेव ऑन 5-एस के अंतर्गत देश के विभिन्न 34 अध्यायों से आए 20 प्रतिनिधियों के दल ने शनिवार को एक दिवसीय औद्योगिक अध्ययन भ्रमण किया। इस बहुउद्देशीय दल ने वाराणसी की दो औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर वहां लागू 5-एस कार्यप्रणाली तथा व्यवस्थागत सुधारों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।
प्रतिनिधिमंडल में अमनदीप जैन, बलमुरुगन, जोफी साइमन, अनिकेत, ऋतु मेहता, भारत लांडगे, जयशंकर कुमार, कमल नारायण राय, मनीष डे, स्वागत, यश कुमार अग्रवाल, अनिकेत बागल, रविकांत जाधव, सचिन कांगुड़े, नितिन हेमाने, प्रदीप गंगवार, प्रतीक पांडा, संदीप वर्मा, वीरेंद्र मेश्राम, मंजीत सिंह भंडारी एवं संजीब कुमार पोरेल सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।
अध्ययन भ्रमण का समन्वयन क्वालिटी कंट्रोल सर्किल (क्यूसीसी) वाराणसी चैप्टर के अनिल कुमार ओझा एवं डी.के. प्रजापति ने किया। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों में लागू 5-एस कार्यप्रणाली के व्यावहारिक स्वरूप को समझना तथा उसके सकारात्मक प्रभावों का अध्ययन करना था।
प्रतिनिधियों को बताया गया कि 5-एस कार्यप्रणाली में छंटाई (Sort), सुव्यवस्था (Set in Order), स्वच्छता (Shine), मानकीकरण (Standardize) तथा आत्मानुशासन (Sustain) के सिद्धांतों का पालन किया जाता है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से कार्यस्थल अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित, दुर्घटना-मुक्त एवं पर्यावरण-अनुकूल बनता है। साथ ही कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण का निर्माण होता है, जिससे उत्पादकता एवं कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधियों ने विभिन्न सुधारात्मक उपायों, सुव्यवस्थित कार्य प्रणालियों तथा नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यहां से प्राप्त अनुभव उनके लिए अत्यंत उपयोगी हैं और वे अपने-अपने संस्थानों एवं कार्यक्षेत्रों में भी इन व्यवस्थाओं को अपनाकर गुणवत्ता सुधार तथा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देंगे।
प्रतिनिधियों ने अध्ययन भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विभिन्न संस्थाओं के बीच श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम हैं तथा गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।