खागा/फतेहपुर-वन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले वन क्षेत्राधिकारी विवेक शुक्ला का कार्यकाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। अपने कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और सख्त प्रशासनिक रवैये के चलते उन्होंने अवैध कटान और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विवेक शुक्ला के नेतृत्व में वन विभाग ने जंगलों और हरित क्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में अवैध लकड़ी कटान और वन संपदा के दोहन में लिप्त लोगों पर कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे वन माफियाओं में खौफ का माहौल बना रहा। यही कारण था कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को अपने मंसूबों पर लगाम लगानी पड़ी।
सरकार द्वारा संचालित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को सफल बनाने में भी उनका विशेष योगदान रहा। अभियान के तहत क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया गया तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण के लिए किए गए उनके प्रयासों की आज भी क्षेत्र में सराहना की जाती है।
वन क्षेत्राधिकारी विवेक शुक्ला की सबसे बड़ी विशेषता आम जनता से उनका सीधा संवाद रहा। वे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और वन संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत रहते थे। उनके सरल, सौम्य और जनहितैषी व्यवहार ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसा कर्मठ, ईमानदार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित अधिकारी उनके क्षेत्र में होना वास्तव में गौरव का विषय था। वन संपदा की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लंबे समय तक याद की जाती रहेगी। उनके कार्यों ने यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार प्रयासों से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।