वाराणसी। चेतगंज थाना क्षेत्र के पिपलानी कटरा स्थित कबीर मठ वाली गली में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव गहरा गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले में फर्जी रजिस्ट्री, उत्पीड़न, मारपीट, कब्जे की कोशिश और महिलाओं की निजता भंग करने जैसे आरोप सामने आए हैं। प्रथम पक्ष का बयान
सुभाष चंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि वर्ष 2002 में मकान संख्या 1051/2 में एक बटे तीन का बंटवारा हुआ था, लेकिन बंटवारे के बाद भी वह अब तक अपनी जमीन की बाउंड्री नहीं करा सके हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराई है, जिसमें एक ही व्यक्ति के अलग-अलग हस्ताक्षर दिखाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि रजिस्ट्री में सभी लोगों को पक्षकार दिखाकर सुलह होने की बात कही गई, जबकि वास्तविकता में कोई समझौता नहीं हुआ।
सुभाष चंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि गोपाल चंद्र इस पूरे मामले में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि रजिस्ट्री के कागजात दिखाने के बाद विपक्षी पक्ष ने दस्तावेज वापस नहीं किए और मांगने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार को लगातार परेशान किया जाता है तथा बच्चों तक को प्रताड़ित किया जाता है।
प्रथम पक्ष ने आरोप लगाया कि जब उनकी बेटियां स्नान करती हैं, तब विपक्षी पक्ष के लोग बाथरूम के सामने खड़े होकर अभद्र हरकतें करते हैं। उनकी मांग है कि जमीन की बाउंड्री कराकर परिवार को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
द्वितीय पक्ष का बयान
वहीं दूसरे पक्ष के नरेंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में नकाबपोश लोग कब्जे की नीयत से उनके घर में घुस आए। घटना चेतगंज थाना क्षेत्र के पिपलानी कटरा स्थित कबीर मठ वाली गली की बताई जा रही है।
नरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार विरोध करने पर उनके माता-पिता के साथ धक्का-मुक्की की गई, घर में लूटपाट की गई तथा गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पाटीदार सुभाष चंद्र विश्वकर्मा, उनकी पत्नी आशा देवी, बेटे आयुष और रोहित सहित परिवार के अन्य सदस्य आए दिन विवाद करते हैं।
नरेंद्र विश्वकर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोगों और कथित भूमाफियाओं के सहयोग से उनके घर पर कब्जा करने की कोशिश की गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में पुलिस कमिश्नर को मामले की जानकारी होने पर कब्जा करने आए लोग वहां से चले गए।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। दोनों पक्षों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।