लखनऊ के गोमती नगर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक आज देश की बेटियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियाँ अब डिजिटल कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
डिजिटल शिक्षा और एआई आधारित तकनीकों ने न केवल रोजगार के नए विकल्प तैयार किए हैं, बल्कि महिलाओं को घर बैठे करियर बनाने का अवसर भी दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई क्षेत्र में लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी, जिनमें महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
एआई बना नए करियर का माध्यम डिजिटल विशेषज्ञ और डिंपल अग्रवाल का कहना है कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि एक ऐसा हुनर है जो हर लड़की की जिंदगी बदल सकता है। उनके अनुसार अब एआई-आधारित करियर केवल कोडिंग तक सीमित नहीं रह गया है।
उन्होंने बताया कि सामग्री निर्माण, डिजिटल विपणन, ग्राफिक डिजाइनिंग, डाटा विश्लेषण, सोशल मीडिया प्रबंधन और चैटबॉट स्वचालन जैसे क्षेत्रों में लड़कियां तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं। कैनवा और मिडजर्नी जैसे एआई उपकरणों के जरिए पेशेवर डिज़ाइन और डिजिटल सामग्री तैयार करना आसान हुआ है।
छोटे शहरों की लड़कियाँ बन रहीं आत्मनिर्भर डिम्पल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने स्वयं छोटे शहर से शुरुआत की थी और डिजिटल दुनिया को समझने के बाद महसूस किया कि यहाँ सफलता की कोई सीमा नहीं है।
उन्होंने बताया कि नेक्स्टजेन लर्निंग बाय वॉवेल और वॉवेल डिजिटल एडवर्ल्ड के माध्यम से ग्रामीण और छोटे शहरों में डिजिटल कौशल व एआई से जुड़ी कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए हजारों लड़कियाँ प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार और डिजिटल करियर की ओर बढ़ रही हैं।
चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं
हालांकि परिवार की अनुमति, डिजिटल उपकरणों की कमी और तकनीक को केवल लड़कों का क्षेत्र मानने जैसी सामाजिक सोच अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ते इंटरनेट और मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रमों ने इन बाधाओं को काफी हद तक कम किया है।
“एआई सीखना समय की जरूरत” विशेषज्ञों के अनुसार एआई आने वाले समय की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहा है। ऐसे में बेटियों को डिजिटल कौशल और नई तकनीकों से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
विशेषज्ञों ने युवतियों से ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल कार्यशालाओं और एआई उपकरणों को सीखने की अपील करते हुए कहा कि आज सीखी गई तकनीक ही कल उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुँचा सकती है।