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  • The Socialist Kisan Sabha submitted a memorandum demanding the holding of Panchayat elections.

पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर सोशलिस्ट किसान सभा ने दिया ज्ञापन

लखनऊ। सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने ग्राम पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ को दिया। किसान संगठनों ने ऐलान किया कि यदि ग्राम सभा के चुनाव नहीं हुए तो सड़कों पर आंदोलन होगा। पंचायत चुनाव समय पर न सम्पन्न कराना संविधान का मजाक है और यह लोकतंत्र में तानाशाही की आहट है।

सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने कहा कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल आज 26 मई को समाप्त हो रहा है। पंचायत चुनाव न होने के कारण ग्राम सभाओं के विकास कार्य प्रभावित होंगे। ग्राम सभा के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा। 

ग्राम सभाएं महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की संकल्पना को पूरा करती हैं। चुनाव न होने से जहां एक तरफ ग्राम पंचायत की छह कार्यशील समितियां भंग हो जाएंगी वहीं दूसरी तरफ सरकार ग्राम पंचायतों पर प्रशासक थोपकर जनता की जन आकांक्षाओं के साथ खिलवाड़ करने का काम करेगी।

किसान संगठनों ने कहा कि अगर 2024 से लोकसभा और आधी दर्जन से ज्यादा विधानसभा के चुनाव कराए जा सकते हैं तो ग्राम पंचायतों का चुनाव क्यों नहीं कराया जा सकता है। चुनाव न कराया जाना ग्राम पंचायतों को खत्म करने की साजिश है।

किसान संगठनों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से न्याय की गुहार लेकर आए अवधेश यादव, हीरालाल यादव, दुर्गा यादव और डॉ. राजेंद्र यादव ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। 

प्रदर्शन में किसान नेता राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, डाक्टर राजेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, सत्यम प्रजापति, अवधेश यादव, हीरालाल यादव, सोहित यादव, अनिल गुप्ता, नंदलाल यादव, दुर्गा प्रसाद यादव आदि शामिल रहे।