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  • Preserving India's knowledge tradition and sage tradition in the minds of children: Dr. Saurabh Malviya

भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय

सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया। अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं। जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।

कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।