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बाल विवाह के खिलाफ ग्राम सभाओं में गूंजा संकल्प, सितलहा ने कहा—अब गांव में नहीं होगा बाल विवाह

*गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभा में लिया गया प्रण; अहिंसा वेलफेयर सोसायटी ने पहल का किया स्वागत, 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को मिलेगी नई रफ्तार*

रिपोर्ट- जिला ब्यूरो चीफ राममनोरथ विश्वकर्मा

जवा- बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ अब गांवों से निर्णायक आवाज उठने लगी है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने का संकल्प लिया गया। इसी क्रम में ग्राम पंचायत सितलहा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर बाल संरक्षण समिति की बैठक की गई, जिसमें पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रण लिया गया कार्यक्रम में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होकर काम करने तथा गांव में बाल विवाह जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस पहल का जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की सहयोगी संस्था अहिंसा वेलफेयर सोसायटी रीवा ने स्वागत किया है 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं में लिया गया संकल्प भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय की पहल के तहत गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव रखने के साथ इसके खात्मे का संकल्प लिया गया ग्राम सभाओं में स्थानीय निवासियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेकर बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता जताई। इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव को बाल विवाह मुक्त बनाते हुए देश में बाल विवाह की कुप्रथा का जड़ से खात्मा करना है अहिंसा वेलफेयर सोसायटी ने बताया ऐतिहासिक कदम अहिंसा वेलफेयर सोसायटी रीवा ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की सक्रियता से बाल विवाह उन्मूलन अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी। संस्था ने कहा कि वह सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए पहले से अधिक उत्साह के साथ कार्य करेगी संस्था के निदेशक सुमित सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रत्येक गांव को बाल विवाह के खिलाफ खड़ा करने की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में उठाए जा रहे कदम भी महत्वपूर्ण हैं। जब पूरा गांव और समाज एकजुट होकर बाल विवाह के खिलाफ खड़ा होगा, तो बदलाव तेजी से आएगा और बेटियों को अपना बचपन, शिक्षा और सपने जीने का अधिकार मिल सकेगा सितलहा में बाल संरक्षण समिति ने लिया बड़ा फैसला ग्राम पंचायत सितलहा में आयोजित गांधी जयंती कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण समिति की बैठक हुई। बैठक में ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। ग्रामीणों ने बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता फैलाने तथा किसी भी संभावित बाल विवाह की जानकारी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी चक्रधर सिंह, ग्राम पंचायत सितलहा के सरपंच अमित सिंह, अमित त्रिपाठी, अरुणेश तिवारी, सच्चिदानंद पाण्डेय, विनय पाण्डेय, बालेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे एकजुट गांव ही रोक सकता है बाल विवाह बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान का मूल संदेश यही है कि केवल कानून के भरोसे इस कुप्रथा का पूरी तरह खात्मा संभव नहीं है। इसके लिए गांव, पंचायत, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज को एक साथ आगे आना होगा। ग्राम सभाओं में लिया गया संकल्प इसी सामूहिक जिम्मेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है अहिंसा वेलफेयर सोसायटी ने बताया कि जेआरसी अपने 300 से अधिक सहयोगी संगठनों के साथ देशभर के जिलों में बाल विवाह के खिलाफ सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। संस्था का लक्ष्य जमीनी स्तर पर जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करना है गांधी जयंती पर ग्राम सभाओं में लिया गया यह संकल्प महज औपचारिकता न रहकर यदि गांव-गांव की सामूहिक प्रतिबद्धता बनता है, तो बाल विवाह के खिलाफ अभियान को निर्णायक सफलता मिल सकती है।