अप्रैल के महीने में ही टेंपरेचर हुआ चालीस के पार तो गर्मी में मचने लगी चीख पुकार

एमबीबीएस एमडी डॉ.अमित वार्ष्णेय ने बताए गर्मी से बचने के उपाय

अलीगढ़।अप्रैल के महीने में ही जब टेंपरेचर चालीस के पार चला गया तब ना सिर्फ मनुष्य बल्कि प्रकृति और जीव जंतुओं पर भी इसका प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है।इतना ही नहीं तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों में संक्रामक बीमारियों के मरीज पहुंच रहे हैं तब ऐसे में हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को किस तरह बढ़ा सकते हैं इस विषय पर एमबीबीएस एमडी डॉ.अमित वार्ष्णेय ने एक बातचीत में कुछ टिप्स दिए हैं।उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में दोपहर को आप बाहर निकलने से परहेज करें और अगर आवश्यक है तो सिर ढक कर बाहर निकले। डॉक्टर साहब ने कहा कि इस वक्त डायरिया के मरीज बहुतायत में आ रहे हैं और इससे बचाव के लिए खान पान का ध्यान रखना है क्योंकि इस वक्त बासी खाना या फिर बाहर की तली भुनी वस्तुओं का सेवन बेहद हानिकारक है। डॉक्टर अमित वार्ष्णेय ने सलाह दी कि इस वक्त हल्का सुपाच्य और ताजा बना हुआ खाना प्रयोग करें वहीं दूसरी तरफ लू से बचने के लिए तरल पदार्थ और खास तौर पर पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं और अगर बावजूद इसके लू लगने की स्थिति में मरीज को ठंडी जगह पर ले जाएं और तत्काल प्रभाव से किसी योग्य चिकित्सक की सलाह लें।