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  • Even after giving Rs 10 lakh in cash and goods worth Rs 10 lakh, the victim is still wandering from door to door for justice.

दस लाख रुपए कैश दस लाख का सामान देने के बाद भी पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटक रही

मंडल मुरादाबाद/ जिला अमरोहा उत्तर प्रदेश कोतवाली हसनपुर के रहरा अड्डे का मामला  पीड़िता ने बताया कि ग्राम गामड़ी थाना गढ़ जिला  हापुड़  पिता मूलचंद ने मेरी शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार से हैसियत से ज्यादा 10 लाख नगद 10 लाख का दहेज देकर पति अमरकांत पिता सर्वेश कुमार आढती के साथ विदा किया था पर मेरे ससुराल पक्ष के लोग  इस दान दहेज से खुश ना होकर कर कार व रूपये की मांग करते हैं और आए दिन मेरे साथ मारपीट करते रहते है दो माह पहले भी मेरे साथ  मारपीट कर मेरे ससुराल वालों ने मुझे धक्के मार कर घर से बाहर निकाल दिया था परंतु इतना कुछ सहन करने के बाद दिनांक  27, 04, 2026 को मैं अपने ससुराल हसनपुर आ गई थी मुझे लेने कोई नहीं गया मैंने अपने सगे फूफा कमल सिंह को अवगत कराया कि मैं अब अपने ससुराल में रहना चाहती हूं और मुझे मेरे घर में अंदर नहीं जाने दे रहे आप यहां आ जाओ इतना सुनते ही पीड़ित के फूफा कमल सिंह अपने गांव  सिकरौली से रहरा अड्डे मोहल्ला हकीम जी वाली गली पीड़िता के घर पर आ गए जहां पीड़ित बाहर खड़ी हुई थी पीड़ित अपने ससुराल में रहने के वास्ते अपने ससुराल पहुंची पर ससुराल पक्ष ने  पीड़िता पर इतना जुलम दिया कि वह बाहर खड़ी रही मजबूर होकर बिचौलिया कमल सिंह ने भी पीड़िता के ससुराल वालों को समझने का प्रयास किया पीड़िता के ससुराल वालों ने एक न सुनी और घर से धक्के देकर बाहर कर दिया मजबूर होकर पीड़िता अपने घर चली गई दूसरे दिन को पीड़िता अपने पिता मूलचंद वे सगे भाई को लेकर अपनी ससुराल आ गई और कहने लगी कि मैं अब अपने घर पर ही रहूंगी इतना कहते ही ससुराल पक्ष के पति अमरकांत ने मारपीट करनी शुरू कर दी जब अपनी बेटी के साथ मार पीट होता देख पिता मूलचंद ने बचाने का प्रयास किया तो वहीं मौजूद खड़े पीड़िता के ससुर सर्वेश कुमार व सास मंजू ने पीड़िता के पिता को भी पीटना शुरू कर दिया जिससे कि पीड़िता के पिता घायल हो गए और शोर शराबा होने पर राहगीर इकट्ठा हो गए जिन्होंने पीड़िता के पिता को बामुश्किल बचाया बिचोलिया कमल सिंह के लाख प्रयास करने के बाद  भी पीड़िता को ससुराल पक्ष रखने को तैयार नहीं मजबूर होकर दूसरे दिन थाना हसनपुर पर एक तहरीर दी गई तहरीर देने के बाद थाना प्रभारी ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद समझौता कर दिया गया था दोनों पक्षों में झगड़ा होने की आशंका से पीड़िता के पति का 151 चालान कर दिया गया  किंतु पीड़िता के ससुराल पक्ष नाराज हो गए  पीड़िता ने लाख मन्नत मांगी  अपने पति के साथ रहूंगी परंतु सर्वेश कुमार आढती ने अपनी एक न सुनी और पीड़िता को रखने से इनकार कर दिया जबकि लगातार पुलिस प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद समझौता कराया था मजबूर होकर पीड़िता अपने पिता मूलचंद के साथ अपने घर चली गई अब देखना यह है कि क्या मूलचंद अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे