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  • On Mother's Day, an appeal was made to protect rivers that are as beneficial as mothers.

मातृ दिवस पर माता की तरह हितकारिणी नदियों के संरक्षण का आवाह्न

घर-घर में हरियाली और प्लास्टिक-मुक्त जीवन को बढ़ावा देने के लिए नमामि गंगे ने मातृ शक्तियों को उपहार में दिए पौधे व कपड़े के थैले ।

*मातृ दिवस के अवसर पर रविवार को नमामि गंगे ने काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिष्ठित भारत माता के सम्मुख मातृ शक्ति को नमन करते हुए उनके त्याग, ममता और संस्कार देने वाली भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की । ममतामयी मातृ शक्तियों को अंगवस्त्रम प्रदान करके सम्मानित किया गया । भारत भूमि को अपनी गरिमामय उपस्थिति से अभिसिंचित करने वाली माता की तरह हितकारिणी नदियों की सुरक्षा और संरक्षण का आह्वान किया गया। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत माताओं को कपड़े के झोले व पौधे उपहार में देकर प्रकृति से प्रेम करने की अपील की गई । आयोजन में अन्नपूर्णा सेवा सामाजिक समिति की सक्रिय भागीदारी रही ।  नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि भावी पीढ़ियों में संस्कार और सम्मान की भावना विकसित करने वाली मां ही घर में शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। मां के बिना परिवार और समाज अधूरा है इसलिए मां का सम्मान जरूरी है । कहा कि माताओं को पौधा और कपड़े के झोले (थैले) देकर पर्यावरण संरक्षण की अपील करना एक बहुत ही जागरूक और सकारात्मक पहल है। यह अभियान न केवल पर्यावरण की सुरक्षा करता है, बल्कि घर-घर में हरियाली और प्लास्टिक-मुक्त जीवन को बढ़ावा देता है। सम्मान के दौरान प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की अध्यक्ष नीलिमा राय, सपना तिवारी, शिल्पा तिवारी, सौम्या शर्मा, अन्वेष भट्ट , रंजना सिंह, भारती सिंह आदि सम्मानित महिलाएं उपस्थित रही ।