_मुख्य मार्ग पर वाहनों की लगी लंबी कतारें, पुलिस और मेला प्रबंधन के नदारद रहने से लोग परेशान_
*खखरेरू/फतेहपुर* नगर पंचायत खखरेरू में अश्विन मास में आयोजित पांच दिवसीय मेले के तीसरे दिन बुधवार को दोपहर बाद मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में ई-रिक्शा और बाइक सवारों के साथ दो एंबुलेंस भी आधे घंटे से अधिक समय तक फंसी रहीं। इससे मरीजों को लेकर जा रहे एंबुलेंस चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा मेले में दोपहर बाद भीड़ बढ़ने के साथ ही मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते सड़क पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ई-रिक्शा, बाइक और अन्य वाहनों के फंसने से स्थिति और बिगड़ गई। इसी दौरान दो एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। काफी देर तक रास्ता नहीं मिलने से एंबुलेंस को आगे बढ़ने में परेशानी हुई जाम लगने के बाद भी काफी देर तक न तो मेला प्रबंधन की ओर से कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मी दिखाई दिए। राहगीर और वाहन चालक खुद ही रास्ता बनाने की कोशिश करते नजर आए। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक जाम की स्थिति बनी रहने से लोगों में नाराजगी दिखाई दी स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत में हर वर्ष मेले का आयोजन होता है। मेले में बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। भीड़ बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है स्थानीय लोगों के अनुसार, मेले के दौरान मुख्य मार्ग की पटरियों के किनारे दुकानदारों द्वारा दुकानें लगाने और अतिक्रमण किए जाने से सड़क का उपयोगी हिस्सा और संकरा हो जाता है। इसके अलावा मेले में आने वाली भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाती है लोगों ने सवाल उठाया कि जब पांच दिन तक चलने वाले मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की पहले से जानकारी रहती है तो यातायात व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों और मेला प्रबंधन की टीम की तैनाती क्यों नहीं की गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जाम में फंसी एंबुलेंस को समय पर रास्ता नहीं मिलता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मेले के शेष दिनों में मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने, सड़क की पटरियों से अतिक्रमण हटवाने और भीड़ के समय पुलिसकर्मियों की तैनाती कराने की मांग की है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।