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  • SP leader Vishnu Sharma raised his voice against the arbitrary fee hike by private schools and exploitation of parents.

निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस शुल्क बढ़ोत्तरी एवं अभिभावको से शोषण को लेकर सपा नेता विष्णु शर्मा ने बोला हल्ला बोल।

वाराणसी सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा "विश्वकर्मा " के नेतृत्व मे अपर जिलाधिकारी को पत्रक सौपकर प्राइवेट स्कूलो पर शिकंजा कसने की मांग 

वाराणसी 8 अप्रैल निजी स्कूलो द्वारा चिन्हित प्रतिष्ठान से ड्रेस लेने के लिए अभिभावक को बाध्य करने एवं बेतहाशा फीस मूल्य वृद्धि एवं पाठ्यक्रम परिवर्तन को लेकर सपाईयो ने अपर जिलाधिकारी को पत्रक सौपकर निजी स्कूलो पर शिकंजा कसने की मांग उठाई है । सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा "विश्वकर्मा " के नेतृत्व मे बड़ी संख्या मे सपा कार्यकर्ताओ ने डीएम सत्येंद्र कुमार से कलेक्ट्रेट कार्यलय मे मुलाकात न होने पर उनके अनुपस्थिती मे एडीएम सिटी आलोक वर्मा को पत्रक सौपकर  निजी स्कूल संचालक द्वारा मनमानी रवैए पर रोष व्यक्त किया और कहा कि  निजी स्कूल संचालक के मनमानी व महंगे फीस शुल्क बढाए जाने  से हर अभिभावक अपने बच्चो को शिक्षा ग्रहण कराने मे असमर्थ महसूस कर रहा है एवं  अभिभावको के साथ हो रहे शोषण व मनमानी रवैया के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा "विश्वकर्मा*ने  अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार वर्मा से कहा कि वाराणसी का हर  अभिभावक/नागरिक जनपद के अधिकांश निजी विद्यालयों द्वारा वर्तमान समय में अभिभावकों का सुनियोजित तरीके शोषण किया जा रहा है, जो कि शासनादेशों एवं शिक्षा संबंधी नियमों के प्रतिकूल है।  सपा नेता राजू यादव ने एडीएम सिटी से कहा कि प्रतिवर्ष अवैध रीएडमिशन के नाम पर  भारी भरकम फीस अभिभावक से लिया जा रहा है । एवं समस्त प्राइवेट विद्यालयों द्वारा प्रत्येक वर्ष छात्रों से पुनः रीएडमिशन फीस के नाम पर व्यापार चल रहा है जबकि मेघावी  छात्र / छात्राए एवं बच्चे अपने परिश्रम के बुनियाद पर उसी विद्यालय में उत्तीर्ण होकर अगली कक्षा में प्रोन्नत होते हैं। यह उत्तर प्रदेश स्व-वित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 की भावना के विरुद्ध है। सपा प्रवक्ता संतोष यादव एडवोकेट बबलू ने आलोक वर्मा से कहा कि हर वर्ष अनावश्यक पाठ्यक्रम परिवर्तन करने एवं  विद्यालयों द्वारा कक्षा 1 से 8 तक की किताबें हर वर्ष बदल दी जाती हैं, जिससे अभिभावकों को मजबूरन नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। इससे पूर्व वर्षों की किताबें अनुपयोगी हो जाती हैं, जो कि आर्थिक शोषण का स्पष्ट उदाहरण है। निजी सकूल के प्राचार्य  निर्धारित दुकानों से  महंगी ड्रेस एवं बेल्ट,टाई,खरीदारी हेतु बाध्य करने से अभिभावक बच्चो के भविष्य के लेकर चिंतित व परेशान एवं महंगे शिक्षा को लेकर त्रस्त है । विद्यालय प्रशासन द्वारा कापी, किताब एवं ड्रेस केवल निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है, जहाँ कीमतें बाजार दर से काफी अधिक होती हैं। आज निजी स्कूल मे पढ़ने वाले बच्चो से निजी स्कूल संचालक ने व्यापार बना लिया है जिसके कारण निजी स्कूल संचालको के अवैध कारोबार के कारण मध्यम वर्गीय परिवार कर्ज के बोझ से दब जा रहा है। पाठ्यक्रम के किताब दाम उंचे होने के कारण अभिभावक अपने बच्चो को पढ़ाने मे कर्ज लेकर किताब को खरीदने के लिए विवश हो रहे है एवं महंगे किताब कापी होने के कारण असमर्थ महसूस कर रहे है । सपा नेताओ ने एडीएम से कहा कि अवैध रूप से लिए जा रहे री-एडमिशन फीस पर तत्काल रोक लगाई जाए एवं समस्त  विद्यालयों द्वारा निर्धारित दुकानों से कापी,किताब,ड्रेस एवं बेल्ट तथा टाई  खरीदारी हेतु बनाए जा रहे दबाव को समाप्त करने हेतु गाईडलाइन जारी करते हुए अनावश्यक पाठ्यक्रम परिवर्तन पर नियंत्रण हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठाई। कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से सर्व श्री सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा "विश्वकर्मा ",   प्रवक्ता संतोष यादव एडवोकेट "बबलू",  प्रदेश सचिव राजू यादव, आनंद प्रकाश, तिवारी,,युवजन सभा महानगर अध्यक्ष राहूल गुप्ता , कैन्ट के पूर्व अध्यक्ष दिलीप कश्यप,लोहिया वाहिनी महानगर अध्यक्ष राहूल कन्नौजिया, व्यापारी नेता रमाकांत जायसवाल, प्रभाकर यादव,मनोज यादव,दुर्गा यादव,पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष विवेक कहार,दुर्गा यादव,  एडवोकेट राजबहादुर पटेल,लवकुश यादव,हनुमान यादव,आमीर अहमद, आफताब खान,कमलेश पहलवान,मनीष यादव,पंकज जायसवाल,संतोष पाल, लोग उपस्थित थे ।