मंडल मुरादाबादउत्तर प्रदेश/ मुरादाबाद शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और मोहल्लों से करीब 200 छोटे-बड़े ताजियों के जुलूस निकाले गए। मातमी धुनों, नौहाख्वानी और 'या हुसैन' की सदाओं के बीच जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए तड़के कर्बला पहुंचे।कल सुबह से ही शहर के इमामबाड़ों और मुस्लिम बहुल इलाकों में अजादारी का सिलसिला शुरू हो गया था। देर शाम सबसे पहले कंबल के ताजिए से जुलूस की शुरुआत हुई। हूरों की जोड़ी द्वारा सलामी दिए जाने के बाद ताजिया रवाना हुआ। इसके बाद शहर के अलग-अलग मोहल्लों से निकले छोटे-बड़े ताजिए जुलूस में शामिल होते गए।जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया। नौहाख्वानी के बीच पूरे मार्ग पर 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। सीनाजनी और जंजीरों का मातम करने वाले अजादार अपनी अकीदत का इजहार करते दिखे। बड़ी संख्या में लोग देर रात तक जुलूस में शामिल रहे।सभी ताजिए निर्धारित मार्गों से होते हुए आज तड़के दस सराय पुलिस चौकी के पास स्थित कर्बला पहुंचे। यहां धार्मिक परंपरा के अनुसार गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में * शहर अमन कमेटी के वालंटियर पूरी रात मुस्तैदी से लगे रहे*। वालंटियरों ने पुलिस प्रशासन का सहयोग किया। भीड़ को नियंत्रित करने, जुलूस का रास्ता साफ रखने और महिलाओं-बुजुर्गों को सुरक्षित निकालने में अमन कमेटी के सदस्य आगे रहे।।