खखरेरू/फतेहपुर क्षेत्र में गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के चलते विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जबकि कई गांवों में मकान, बाउंड्री वॉल और पशुधन को नुकसान पहुंचा। पेड़ गिरने से सड़क यातायात भी कई घंटों तक बाधित रहा। सबसे अधिक नुकसान कठारिया और पौली गांव में दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार रात करीब दो बजे अचानक तेज आंधी और तूफान शुरू हो गया। रसूलपुर सानी पावर हाउस क्षेत्र के कठारिया गांव में बरगद का विशाल पेड़ गिरने से एलटी लाइन टूट गई। वहीं पौली फीडर में लगभग नौ विद्युत पोल टूट गए और 10 से 12 पोलों की विद्युत तारें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा बसवा गांव में तीन, पाई गांव में दो तथा खैरई गांव में तीन विद्युत खंभे टूटने की सूचना मिली है।
विद्युत विभाग के लाइनमैन लगातार क्षेत्र में पहुंचकर क्षतिग्रस्त लाइनों का निरीक्षण और आकलन कर रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार भारी नुकसान होने के कारण विद्युत आपूर्ति बहाल करने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है, क्योंकि पावर हाउस में फिलहाल नए पोल उपलब्ध नहीं हैं।
आंधी-तूफान का सबसे ज्यादा असर पौली और कठारिया गांव में देखने को मिला। कठारिया गांव निवासी जग्गा यादव और शिव प्रसाद की बाउंड्री वॉल और रेलिंग तेज हवाओं के चलते भरभराकर गिर गई।
हालांकि उस समय कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
वहीं पौली गांव में सिराज उर्फ सूरजा की भैंस टीन शेड के नीचे बंधी थी। तेज तूफान के दौरान नीम की भारी डाल गिरने से भैंस की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गांव निवासी असलम का मकान पूरी तरह गिरकर जमींदोज हो गया। गनीमत रही कि मकान खाली था, जिससे जनहानि नहीं हुई।
इसी गांव के शकील अंसारी के मकान की टीन और दीवार गिरने से अंदर खड़ी पैंलेसर मशीन और पिकअप वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा कई स्थानों पर सड़क किनारे पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर राहत दिलाने तथा विद्युत व्यवस्था शीघ्र बहाल कराने की मांग की है।