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  • Drone technology in agriculture will increase farmers' income and reduce costs: BHU Vice Chancellor.

कृषि में ड्रोन तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय, घटेगी लागत : बीएचयू कुलपति।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ड्रोन आधारित आधुनिक कृषि तकनीक एवं सुरक्षित फसल सुरक्षा उत्पादों पर राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न। वाराणसी, 22 मई 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान एवं CropLife India के संयुक्त तत्वावधान में स्वयं सहायता समूहों की ड्रोन दीदियों, प्रगतिशील कृषकों एवं विद्यार्थियों के लिए “ड्रोन एवं फसल सुरक्षा उत्पादों के समझदारीपूर्ण उपयोग” विषयक एक दिवसीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को कृषि विज्ञान संस्थान स्थित शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में लगभग 400 प्रगतिशील किसानों, ड्रोन दीदियों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, कृषि अधिकारियों तथा विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह ने की।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए दुर्गेश चन्द्र शर्मा ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा आधुनिक कृषि में ड्रोन तकनीक एवं सुरक्षित फसल सुरक्षा उत्पादों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि कृषि में ड्रोन तकनीक किसानों की लागत घटाने, आय बढ़ाने तथा सुरक्षित खेती सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं लाभकारी बनाया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय सिंह ने किसानों एवं युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ड्रोन आधारित खेती भविष्य की आवश्यकता बनती जा रही है।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा ड्रोन संचालन, फसल सुरक्षा उत्पादों के सुरक्षित एवं संतुलित उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा कृषि में नवाचार संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों एवं विद्यार्थियों ने ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक प्रदर्शन में भी विशेष रुचि दिखाई।