रामपुर। उत्तर प्रदेश/केंद्र सरकार द्वारा “विकसित भारत” और “स्वच्छ भारत” जैसे बड़े-बड़े नारे दिए जा रहे हैं, लेकिन रामपुर नगर पालिका की लापरवाही के चलते शहर में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। शहर में कई स्थानों पर गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामला शान पैलेस के सामने फव्वारा, बरेली गेट रोड, शाहाबाद गेट के पास का बताया जा रहा है, जहां पहले से बना पार्क और सौंदर्यीकरण स्थल नगर पालिका की अनदेखी के कारण बदहाली का शिकार हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से कूड़ा-कचरा पड़ा हुआ है और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के ईओ (अधिशासी अधिकारी) शहर की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी शहर विधायक के “कठपुतली” बनकर रह गए हैं और असली मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
एक ओर जहां शहर विधायक द्वारा चौराहों को सुंदर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पहले से बने पार्कों और फव्वारा स्थलों पर नगर पालिका की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गंदगी के कारण वहां दुर्गंध फैल रही है और आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करे, नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था हो और संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस लापरवाही पर कब तक आंखें मूंदे रहता है या फिर जनता की शिकायतों पर कोई ठोस कदम उठाता है।