लगभग 15 वर्षों से अधिक समय से कुर्बानी के टेंडर में गड़बड़ी की आ रही है बू : मोहम्मद आफाक लखनऊ। शहर की चर्चित सामाजिक संस्था “राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन” के संयोजक मोहम्मद आफाक ने लखनऊ के टूरिया गंज स्थित संगठन के कार्यालय में मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी, इंदिरा नगर द्वारा कुर्बानी के टेंडर में कथित गड़बड़ी के विरोध में एक प्रेस वार्ता आयोजित की।
प्रेस वार्ता के दौरान मोहम्मद आफाक ने कहा कि पिछले लगभग 15 वर्षों से अधिक समय से इंदिरा नगर स्थित मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी द्वारा कुर्बानी के टेंडर का खुलासा किए बिना केवल एक ही व्यक्ति को टेंडर दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुर्बानी के लिए विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों द्वारा टेंडर भरे जाते हैं, लेकिन उनके सामने टेंडर खोले बिना तथा कोई कारण बताए बिना हर बार केवल एक ही परिवार, वहीद कुरैशी पुत्र सईद कुरैशी, को टेंडर दे दिया जाता है।
मोहम्मद आफाक ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो वहीद कुरैशी और मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के बीच मिलीभगत हो। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सभी नियमों और कानूनों को दरकिनार कर हर बार एक ही व्यक्ति को टेंडर क्यों दिया जाता है? क्या टेंडर दिलाने के लिए सोसाइटी के पदाधिकारियों की जेबें भरी जाती हैं, या फिर अपनी जेबें भरने के लिए हर बार एक ही व्यक्ति को चुना जाता है?
उन्होंने कहा कि लगभग वर्ष 1970-80 के दौरान मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी का गठन समाज कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवाधिकार जैसे सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए किया गया था, लेकिन वर्तमान समय में यह संस्था मानवाधिकारों की रक्षा के बजाय उनके हनन में लिप्त दिखाई दे रही है।
मोहम्मद आफाक ने यह भी कहा कि जब पिछले 15 वर्षों से कुर्बानी के टेंडर में कथित धांधली होती आ रही है, तो यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि वर्ष 1970-80 से अब तक समाज कल्याण के नाम पर मिलने वाला चंदा और सरकारी सहायता वास्तव में जरूरतमंदों के हित में उपयोग हो रही है या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि यह धनराशि सोसाइटी के पदाधिकारी अपनी जेबों में भर रहे हों, जिस प्रकार कुर्बानी के टेंडर में लगातार एक ही परिवार को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान एक पत्रकार ने मोहम्मद आफाक से सवाल किया कि आप सुन्नी इंटर कॉलेज, इस्लामिया कॉलेज, मुमताज कॉलेज और अल हुदा कॉलेज की कार्यप्रणाली, शिक्षा व्यवस्था एवं कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी कई आरोप लगा चुके हैं। क्या आपकी इन संस्थाओं से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी है?
इस सवाल का जवाब देते हुए मोहम्मद आफाक ने कहा कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक हैं और समाज में जहां कहीं भी लोगों के अधिकारों का हनन होता है, वहां आवाज उठाना उनके संगठन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि उनका संगठन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए संघर्ष नहीं कर रहा, बल्कि गरीब, जरूरतमंद, मजलूम और कमजोर लोगों को उनका अधिकार दिलाने तथा उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहा है और जीवनभर करता रहेगा। प्रेस वार्ता के अंत में मोहम्मद आफाक ने सभी पत्रकारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि पत्रकारों की कलम ही मजलूम, कमजोर और असहाय लोगों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाती है और उन्हें न्याय दिलाने का कार्य करती है।