वाराणसी,
भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के एनआईआरसी वाराणसी चैप्टर द्वारा शनिवार, 26 सितंबर 2026 को वाराणसी चैप्टर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण अध्ययन सत्र का आयोजन किया गया। अध्ययन सत्र का विषय “कॉर्पोरेट गवर्नेंस से विवाद समाधान तक: कंपनी सचिवों के लिए नए दौर के अवसर” रहा।
अध्ययन सत्र के मुख्य वक्ता सीएस अतुल कुमार रावत, प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी, मध्यस्थ एवं सुलहकर्ता तथा सेबी स्मार्ट से जुड़े विशेषज्ञ रहे। उन्होंने कंपनी सचिवों की बदलती भूमिका, मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस, प्रभावी विवाद समाधान, सेबी स्मार्ट तथा कंपनी सचिवों के लिए उभरते हुए करियर अवसरों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि वर्तमान कारोबारी एवं नियामकीय वातावरण में कंपनी सचिवों की भूमिका निरंतर व्यापक हो रही है। वैधानिक अनुपालन के साथ-साथ कॉर्पोरेट गवर्नेंस, विवाद समाधान, मध्यस्थता, सुलह, निवेशक शिकायत निवारण तथा विभिन्न विशेषज्ञतापूर्ण क्षेत्रों में कंपनी सचिवों के लिए नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में वाराणसी एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कंपनी सचिव सदस्यों ने सहभागिता की। जिसमें संस्थान के पूर्व अध्यक्षों में सीएस नमिता उज्जवल, सीएस सुमित सिंह, इसके साथ संस्थान के सदस्य, सीएस अश्वनी जायसवाल, सीएस दीपिका मिश्रा, सीएस अभिषेक मिश्रा, सीएस कशिश जायसवाल सीएस सुशांत धवन, सीएस श्रिया ने विषय से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं को समझा तथा मुख्य वक्ता के साथ संवाद के माध्यम से अपने प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया इस अवसर पर सीएस नीरज कुमार तिवारी, अध्यक्ष, एनआईआरसी वाराणसी चैप्टर ने मुख्य वक्ता सीएस अतुल कुमार रावत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अध्ययन सत्र सदस्यों को बदलते पेशेवर परिदृश्य के अनुरूप अपनी जानकारी एवं विशेषज्ञता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।