इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने बड़े विवाद के बीच अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है।
यह कदम उस मामले के बाद उठाया गया, जिसमें उनके दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई थी।बताया जा रहा है कि यह विवाद पिछले साल मार्च में तब शुरू हुआ, जब उनके आवास पर आग लगने की घटना हुई थी। आग बुझाने के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबरें सामने आईं, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया। इस घटना के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ इन-हाउस जांच शुरू की गई थी और उनके खिलाफ संसदीय कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही थी। अब इस्तीफे के साथ यह मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।