भारत कला भवन में संरक्षित होगी लेनिन रघुवंशी की मानवाधिकार विरासत

वाराणसी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भारत कला भवन में 21वें राय कृष्णदास स्मृति व्याख्यान एवं प्रागैतिहासिक वीथिका के उद्घाटन अवसर पर मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. लेनिन रघुवंशी ने अपने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मानों को सार्वजनिक संरक्षण के लिए भारत कला भवन को समर्पित किया। इनमें 2007 का ग्वांगजू प्राइज फॉर ह्यूमन राइट्स (दक्षिण कोरिया), 2010 का इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स प्राइज ऑफ द सिटी ऑफ वाइमर (जर्मनी) और 2018 का ह्यूमन राइट्स प्राइज ऑफ द फ्रेंच रिपब्लिक का स्पेशल मेंशन शामिल है इस अवसर पर भारत कला भवन के निदेशक ने डॉ. लेनिन रघुवंशी एवं श्रुति नागवंशी को सम्मानित किया। डॉ. रघुवंशी ने अपनी हस्ताक्षरित पुस्तक ‘Kashi’ भी भारत कला भवन के प्रतिनिधियों और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति को भेंट की मानवाधिकार जननिगरानी समिति (PVCHR) के अनुसार, इन सम्मानों का समर्पण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का संरक्षण नहीं, बल्कि मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और वंचित समुदायों के संघर्षों की सामूहिक स्मृति को सुरक्षित रखने का प्रयास है। भारत कला भवन में इनके संरक्षण से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मानवाधिकार आंदोलनों के इतिहास एवं सामाजिक संघर्षों को समझने का अवसर मिलेगा।