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  • Many many salutations on the birth anniversary of India's great mathematician and astronomer Aryabhata.

भारत के महान गणितज्ञ व् खगोलशास्त्री आर्यभट्ट की जन्म जयंती पर कोटि कोटि प्रणाम |

महान भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट की जयंती हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है, जो शून्य की खोज, दशमलव प्रणाली और 'आर्यभटीय' ग्रंथ के रचयिता हैं। उनका जन्म 476 ईस्वी में कुसुमपुर (पटना) में हुआ था। यह दिन विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत के गौरवशाली इतिहास को याद करने के लिए समर्पित है।

आर्यभट्ट जयंती से जुड़ी मुख्य बातें: महत्व: आर्यभट्ट ने ही दुनिया को शून्य (0) का ज्ञान दिया।

योगदान: उन्होंने पृथ्वी के गोल होने, अपनी धुरी पर घूमने और पाई () के सटीक मान की गणना की थी।

प्रसिद्ध रचना: 'आर्यभटीय' (23 वर्ष की आयु में रचित)।

सम्मान: भारत के पहले उपग्रह का नाम 'आर्यभट' रखा गया था।

आर्यभट्ट ने खगोल विज्ञान और गणित के क्षेत्र में ऐसे सिद्धांत दिए, जो आज भी प्रासंगिक हैं। उनके द्वारा स्थापित खगोलीय गणनाओं ने विज्ञान को एक नई दिशा दी।