लखनऊ -बेहटा स्थित सीबीटी सेंटर में शुक्रवार को इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) का विशेष दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रहा। इस प्रशिक्षण में उन्नाव, सीतापुर और लखनऊ जनपद के ईएमटी कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य एम्बुलेंस कर्मियों को बेहतर पेशेंट केयर, फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान सीएमएस डॉ. बी.के. पाठक ने ईएमटी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी इमरजेंसी कॉल पर कॉलर से शांत और सही तरीके से बातचीत करना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मरीज को समय रहते उचित फर्स्ट एड देना उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही उन्होंने “गोल्डन ऑवर” के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में दिया गया उपचार मरीज की जिंदगी बचा सकता है।
प्रशिक्षण सत्र में ट्रेनर बीरेंद्र कुमार और आलोक चौहान ने ट्रॉमा मैनेजमेंट और मरीज की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट लगने पर किस प्रकार प्राथमिक उपचार किया जाए तथा मरीज की लगातार मॉनिटरिंग क्यों जरूरी होती है।
वहीं डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर लवकुश गुप्ता ने ईएमटी कर्मचारियों को स्टार्ट टाइम और रिस्पॉन्स टाइम बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समय पर घटनास्थल पर पहुंचकर सही उपचार देना ही एम्बुलेंस सेवा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ईएमटी कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर सेवाएं देने के लिए व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे भविष्य में मरीजों को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित चिकित्सा सहायता मिल