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🇮🇳🚩 राष्ट्रीय अध्यक्ष का विशेष ऐतिहासिक, भाषायी एवं संवैधानिक वैचारिक वक्तव्य 🚩🇮🇳

भारत या India? भावनाओं के साथ इतिहास और तथ्यों को भी समझना आवश्यक है”

हिन्दू देव प्रकाश शुक्ला जी

राष्ट्रीय अध्यक्ष

राष्ट्रीय युवा वाहिनी एवं राष्ट्रीय युवा वाहिनी नेशनल वालंटियर भाजपा

भारत | 25 सितंबर 2026

भारत के नाम को लेकर समय-समय पर सोशल मीडिया पर अनेक संदेश वायरल होते हैं। उनमें से एक संदेश में दावा किया जाता है कि Oxford Dictionary के पृष्ठ 789 पर “Indian” का अर्थ “old-fashioned & criminal peoples” लिखा था और अंग्रेजों ने इसी अपमानजनक अर्थ से भारत का नाम “India” रखा था।

इस दावे को भावनात्मक रूप से आगे बढ़ाने से पहले इतिहास और मूल स्रोत की जाँच करना आवश्यक है।

पहली महत्वपूर्ण बात—Oxford Dictionary वाला दावा सही नहीं है

उपलब्ध पुराने Oxford Dictionary संस्करणों की जाँच करने वाले तथ्य-जाँच स्रोतों के अनुसार, यह दावा कि “India/Indian” को पृष्ठ 789 पर भारतीयों के लिए “old-fashioned & criminal peoples” कहा गया था, सही नहीं पाया गया। 1934 के Concise Oxford Dictionary of Current English में “India” की परिभाषा भारत को Indus नदी के पूर्व और Himalayas के दक्षिण में स्थित एशियाई देश के रूप में देती है; “Indian” के लिए भारत से संबंधित व्यक्ति/मूल निवासी का अर्थ दिया गया था। 

“Old-fashioned” जैसे शब्द का संदर्भ कुछ पुराने अंग्रेजी शब्दकोशों में North American Indigenous peoples के लिए इस्तेमाल हुए “Indian” शब्द के पुराने/आपत्तिजनक प्रयोग से जुड़ा हुआ था—भारत के नागरिकों या भारत देश की परिभाषा से नहीं। 

इसलिए “India का अर्थ असभ्य और अपराधी लोगों का देश है” कहना ऐतिहासिक और भाषायी रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं है।

फिर India नाम आया कहाँ से?

“India” कोई अंग्रेजों द्वारा अचानक बनाया गया अपमानजनक शब्द नहीं है।

भाषावैज्ञानिक स्रोत “India” को प्राचीन Indus/Sindhu से जोड़ते हैं। संस्कृत का “सिन्धु” नदी के लिए प्रयुक्त शब्द था; प्राचीन फारसी में इससे संबंधित “Hindu/Hind” रूप और यूनानी-लैटिन परंपरा में Indos/India जैसे रूप विकसित हुए। अंग्रेजी में “India” का प्रयोग ब्रिटिश शासन से बहुत पहले से मिलता है। 

इसलिए यह कहना कि “अंग्रेजों ने भारत को अपमानित करने के लिए India नाम बनाया” इतिहास के उपलब्ध भाषायी प्रमाणों से सिद्ध नहीं होता।

🇮🇳 लेकिन क्या Bharat हमारा नाम है? बिल्कुल।

यहाँ एक महत्वपूर्ण संवैधानिक तथ्य है जिसे हर नागरिक को जानना चाहिए।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1(1) में स्पष्ट लिखा है:

> “India, that is Bharat, shall be a Union of States.”

अर्थात संविधान स्वयं India और Bharat दोनों नामों को मान्यता देता है। 

इसलिए “भारत” कहना पूरी तरह संवैधानिक है, और “India” कहना भी वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत वैध है।

क्या हमें Bharat को प्राथमिकता देनी चाहिए?

यह एक अलग सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विचार का विषय है।

कोई नागरिक अपने देश को भारत, कोई Bharat, और अंग्रेजी संदर्भ में India कह सकता है। अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान में “भारत” शब्द को प्राथमिकता देना स्वाभाविक सांस्कृतिक आग्रह हो सकता है।

लेकिन इस विषय पर विचार करते समय हमें झूठे ऐतिहासिक प्रमाणों का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं है।

हम अपने देश के लिए “भारत” शब्द के सम्मान को उसके वास्तविक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर भी मजबूती से रख सकते हैं।

भारत नाम केवल अनुवाद का विषय नहीं है

“भारत” हमारे लिए केवल अंग्रेजी शब्द का हिंदी अनुवाद नहीं है।

यह भारतीय सभ्यता, साहित्य, पुराणों, महाकाव्यों और सांस्कृतिक स्मृति में गहराई से उपस्थित नाम है। इसलिए “भारत” शब्द के प्रति भावनात्मक और सांस्कृतिक लगाव का अपना महत्व है।

लेकिन इसी के साथ हमें यह भी समझना चाहिए कि “India” शब्द का ऐतिहासिक विकास “सिन्धु/Indus” से हुआ है, न कि “अपराधी लोगों” के किसी कथित अर्थ से। 

🚩 मेरी अपील—भावना के साथ तथ्य भी

यदि कोई व्यक्ति कहता है—

“मैं अपने देश को भारत कहना पसंद करता हूँ।”

तो यह उसकी सांस्कृतिक और भाषायी पसंद हो सकती है।

लेकिन यदि हम कहते हैं—

“India का अर्थ अपराधियों का देश है और Oxford Dictionary ने भारतीयों को ऐसा कहा है,”

तो इस दावे के लिए ठोस प्रमाण आवश्यक है; वर्तमान उपलब्ध तथ्य-जाँच में ऐसा प्रमाण नहीं मिलता। 

हमें अपने राष्ट्र का सम्मान करने के लिए गलत जानकारी फैलाने की आवश्यकता नहीं है।

🇮🇳 हमारा दृष्टिकोण क्या होना चाहिए?

🔸 हिंदी में “भारत” शब्द का सम्मान करें।

🔸 अंग्रेजी में “Bharat” के प्रयोग को भी प्रोत्साहित करना चाहें तो शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करें।

🔸 भारतीय संविधान में “India, that is Bharat” दोनों की स्थिति समझें। 

🔸 सोशल मीडिया पर आने वाले ऐतिहासिक दावों को मूल स्रोत से जाँचें।

🔸 Oxford Dictionary के नाम पर अप्रमाणित पृष्ठ संख्या और कथित परिभाषाएँ आगे न बढ़ाएँ।

🔸 अपनी राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने के लिए तथ्य, इतिहास और संस्कृति—तीनों का सहारा लें।

🔸 किसी व्यक्ति को केवल इसलिए देशद्रोही या राष्ट्रविरोधी न कहें कि वह “India” शब्द का प्रयोग करता है।

🔸 “भारत” के सम्मान की बात करते समय भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का भी सम्मान करें।

🇮🇳 अंतिम संदेश

हमें भारत कहने में गर्व होना चाहिए—लेकिन भारत के गौरव को स्थापित करने के लिए झूठे प्रमाणों की आवश्यकता नहीं है।

हमारा इतिहास इतना समृद्ध है कि उसे मजबूत करने के लिए किसी काल्पनिक Oxford Dictionary की कहानी गढ़ने की जरूरत नहीं।

भारत हमारा संवैधानिक नाम है।

Bharat हमारी सांस्कृतिक पहचान का भी अभिन्न हिस्सा है।

और “India” भी संविधान में मान्य नाम है।

इसलिए राष्ट्रप्रेम का सही रास्ता है—

“भावना भी रखें, इतिहास भी पढ़ें;

परंपरा भी बचाएँ, संविधान भी समझें;

भारत का सम्म