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  • 36,000 Gram Rozgar Sevaks have raised a 10-point list of demands, including regularization, and have warned of a siege of the Legislative Assembly on July 1.

36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों ने नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगें उठाईं, 1 जुलाई को विधानसभा घेराव की चेतावनी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के लगभग 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपकर नियमितीकरण, राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानदेय वृद्धि एवं बकाया भुगतान सहित 10 सूत्रीय मांगें उठाईं। रोजगार सेवकों ने कहा कि वे पिछले 17 वर्षों से ग्राम पंचायतों में कार्यरत हैं, लेकिन अभी भी संविदा व्यवस्था में कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं।

ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों को सहायक सचिव/ग्राम विकास सहायक के पद पर समायोजित करने, न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक मानदेय, बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, अवकाश सुविधा, स्वास्थ्य एवं ईपीएफ लाभ, स्थानांतरण नीति तथा मृतक आश्रित को नौकरी देने की मांग की गई है।

रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में विधानसभा घेराव सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।