भोजन खुद बनता है या दूसरे रेस्टोरेंट से आता है? कर्मचारी के कथित बयान के बाद व्यवस्था पर सवाल
फूड लाइसेंस, पंजीयन और गेस्ट हाउस संचालन की वैधता की जांच की मांग
जानकारी देने के बजाय पत्रकार से कथित अभद्र व्यवहार, जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई पर नजर
रीवा। शहर के कालेज चौराहा क्षेत्र में संचालित एक रेस्टोरेंट की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। रेस्टोरेंट के संचालन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने पहुंचे एक पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रेस्टोरेंट संचालक ज्ञान सिंह ने सवालों का जवाब देने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय पत्रकार के साथ अभद्रता की।मामला उस समय सामने आया जब रेस्टोरेंट के संचालन और वहां भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर मिली जानकारी की पड़ताल करने पत्रकार मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारी से जब पूछा गया कि ग्राहकों के लिए भोजन किस स्थान पर तैयार किया जाता है और ऑर्डर कैसे पूरे किए जाते हैं, तो कर्मचारी ने कथित तौर पर बताया कि ऑर्डर मिलने के बाद ‘सांवरिया’ नामक रेस्टोरेंट से भोजन मंगवाकर ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है दूसरे रेस्टोरेंट से भोजन मंगाकर परोसे जाने पर नियम क्या कहते हैं कर्मचारी के कथित बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल रेस्टोरेंट की खाद्य व्यवस्था और वैधानिकता को लेकर खड़ा हो गया है। यदि किसी प्रतिष्ठान में भोजन तैयार नहीं किया जाता और किसी अन्य रेस्टोरेंट से भोजन मंगाकर ग्राहकों को परोसा जाता है, तो ऐसी व्यवस्था के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कौन-कौन से प्रावधान लागू होते हैं? संबंधित प्रतिष्ठान के पास कौन सा खाद्य लाइसेंस है और लाइसेंस में किस प्रकार की गतिविधि दर्ज है—यह विभागीय जांच का विषय है रेस्टोरेंट के साथ गेस्ट हाउस की भी चर्चा, दस्तावेजों की जांच जरूरी रेस्टोरेंट के साथ गेस्ट हाउस संचालन की चर्चा भी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा यह जांच किया जाना जरूरी बताया जा रहा है कि प्रतिष्ठान के पास फूड लाइसेंस, व्यवसायिक पंजीयन, गेस्ट हाउस संचालन संबंधी अनुमति तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं हालांकि, इन सभी बिंदुओं की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच और स्थल निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी पत्रकार से अभद्रता के आरोप ने बढ़ाए सवाल एक ओर प्रतिष्ठान की संचालन व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जानकारी जुटाने पहुंचे पत्रकार से कथित अभद्र व्यवहार का आरोप भी मामले को तूल दे रहा है। सवाल यह है कि यदि प्रतिष्ठान का संचालन पूरी तरह नियमों के अनुरूप है, तो पत्रकार के सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराने में आपत्ति क्यों?
अब जिम्मेदार विभाग की बारी मामले में अब निगाह खाद्य सुरक्षा विभाग और संबंधित स्थानीय प्रशासन पर है। विभाग को रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस, पंजीयन, भोजन तैयार करने एवं सप्लाई की व्यवस्था, दूसरे प्रतिष्ठान से भोजन मंगाने की प्रक्रिया और गेस्ट हाउस संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।
यदि सभी दस्तावेज और व्यवस्थाएं नियमानुसार मिलती हैं तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं, यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमों के तहत कार्रवाई की आवश्यकता होगी।